AUS vs IND: DRS में अंपायर्स कॉल पर बैन लगाना चाहते हैं डैरिल हार्पर, जानें क्यों

Australia vs India Former Umpire Darryl Harper wants to Ban Umpire's Call in Decision review System: नई दिल्ली। क्रिकेट के नियमों को बेहतर बनाने के लिये अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल आये दिन कुछ नये नियम और कानून बनाती रहती है। क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो अब तक कई सारे नियम बदले जा चुके हैं। पहले अंपायर के फैसले को लेकर कोई सवाल नहीं उठा सकता था लेकिन धीरे-धीरे आईसीसी (ICC) ने नियमों में बदलाव किया और डिसीजन रिव्यू सिस्टम (Decision Review System) लेकर आये।

इस नियम के आने के बाद से अगर किसी खिलाड़ी को अंपायर के फैसले से आपत्ति होती है तो वह उसके खिलाफ अपील कर सकता है और थर्ड अंपायर उस फैसले की जांच करता है। इस दौरान थर्ड अंपायर हर फैसले को बदल सकता है लेकिन अगर एलबीडब्लयू के केस में अगर मैदानी अंपायर का फैसला अंपायर्स कॉल के अंदर आता है तो थर्ड अंपायर चाहकर भी इसे बदल नहीं सकता।

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खेल जगत के कई दिग्गज खिलाड़ी अंपायर्स कॉल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं और अब आईसीसी (ICC) के एलीट पैनल के पूर्व अंपायर डैरिल हार्पर ने भी डीआरएस के दौरान फैसले में बाधा बनने वाले 'अंपायर्स कॉल' पर बैन लगाने की मांग की है।

हार्पर का मानना है कि पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से इस मुद्दे को लेकर बहस होती जा रही है लेकिन इसमें कमियां बरकरार हैं। उल्लेखनीय है कि डीआरएस के दौरान अगर एलबीडब्ल्यू के डिसीजन पर अंपायर ने बल्लेबाज को नॉटआउट दिया तो रिव्यू में स्टंप पर लगने के बावजूद थर्ड अंपायर्स के फैसले को नहीं बदल सकते। हालांकि रिव्यू लेने वाली टीम के पास उसका रिव्यू बरकरार रहता है।

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'सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड' से बात करते हुए हार्पर ने कहा, 'मैंने 'अंपायर्स कॉल' को लेकर काफी गहराई से सोचा और एक ही नतीजे पर पहुंचा कि अंपायर्स कॉल को बैन कर देना चाहिये। न रहेगा अंपायर्स कॉल और न ही रहेगा इससे जुड़ा कोई विवाद। अगर गेंद स्टंप से किसी भी तरह से संपर्क में आती है और उसकी बेल्स गिरती है, इसका 48 या 49 प्रतिशत से कोई लेना देना नहीं होना चाहिये।'

गौरतलब है कि यह 12 साल से चल रहा है और लोग अब भी हैरान हैं। खिलाड़ियों को अब भी परेशान होना पड़ता है। हार्पर ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि इस तकनीक में एक नहीं बल्कि कई कमियां हैं और आईसीसी (ICC) को इसकी अच्छे से समीक्षा करनी चाहिये। हार्पर का मानना है कि आईसीसी (ICC) की ओर से कुछ गंभीर फैसले लिये जाने की जरूरत है क्योंकि अंपायरों के फैसलों पर बात करके कोई फायदा नहीं है।

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Story first published: Sunday, January 3, 2021, 6:00 [IST]
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