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धोनी के साथ हुआ क्रिकेट इतिहास का सबसे अजब संयोग, इन दो पारियों के बीच सिमटा करियर

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार (15 अगस्त) को अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर को अलविदा कहते हुए संन्यास का ऐलान कर दिया। इस दौरान धोनी ने अपने 16 साल के करियर को बिना किसी फेयरवेल मैच के ही अलविदा कह दिया, जिसको लेकर फैन्स से लेकर कई दिग्गज खिलाड़ी हैरान रह गये। जहां दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि धोनी एक फेयरवेल मैच खेलने के हकदार थे तो वहीं धोनी ने हमेशा की तरह इस फैसले से लोगों को चौंकाना जारी रखा।

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धोनी ने अपने करियर की शुरुआत 23 दिसंबर 2004 को की थी और अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल विश्व कप सेमीफाइनल खेला था। इस बीच धोनी ने भारतीय फैन्स को जश्न मनाने का कई बार मौका दिया, हालांकि धोनी के करियर का अंत क्रिकेट इतिहास के गजब संयोग के साथ हुआ।

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गोल्डन डक से की थी करियर की शुरुआत

गोल्डन डक से की थी करियर की शुरुआत

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश के खिलाफ चिटगांव में खेले गये अपने पहले मैच में धोनी गोल्डन डक का शिकार हुए थे। बांग्लादेश के खिलाफ इस मैच में धोनी 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, जब वो मैदान पर उतरे थे तो उस वक्त भारतीय टीम 5 विकेट खोकर 180 रन बना चुका था। जहां धोनी तुरंत ही क्रीज पर आये थे तो वहीं पर मोहम्मद कैफ दूसरे छोर पर 71 रन बनाकर नाबाद खेल रहे थे।

धोनी ने अपने करियर की पहली गेंद खेली तो कैफ थोड़ा आगे आये, धोनी को लगा कि शायद वह रन लेना चाहते हैं तो वह भी आगे भागे लेकिन तभी कैफ उन्हें वापस लौटने को कहा, हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और जब तक धोनी क्रीज में लौटते वह रन आउट हो चुके थे।

करियर के आखिरी मैच में भी हुए रन आउट

करियर के आखिरी मैच में भी हुए रन आउट

धोनी ने अपने करियर का आखिरी मैच 2019 विश्व कप का सेमीफाइनल खेला था, जिसमें वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 49वें ओवर में रन आउट हुए थे। धोनी के इस रन आउट ने करोड़ों भारतीय फैन्स का दिल तोड़ दिया था। भारतीय टीम को जीत के लिये आखिरी 2 ओवर में करीब 30 रनों की दरकार थी। कीवी टीम के लिये लॉकी फर्ग्यूसन 49वां ओवर लेकर आये थे, जिनकी पहली गेंद पर धोनी ने छक्का लगाया, लेकिन दूसरी गेंद पर कोई रन नही बन सका था।

धोनी ज्यादा से ज्यादा दबाव कम करने के लिये ओवर की तीसरी गेंद पर दो रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गये। वह क्रीज से आधे इंच से चूक गये थे और ब्रैंडन मैकलम का थ्रो सीधा विकेट पर लगा था। अपने आखिरी मैच में धोनी अर्धशतक जमाने के बाद रन आउट हुए लेकिन अपने साथ करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें भी ले गए। भारत यह मैच हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था।

धोनी के साथ हुआ अजब संयोग

धोनी के साथ हुआ अजब संयोग

गौरतलब है कि धोनी के साथ क्रिकेट इतिहास का सबसे दुर्लभ संयोग हुआ, जिस तरह से उन्होंने करियर की शुरुआत की ठीक वैसे ही उनके करियर का अंत भी हुआ। हालांकि इन दो रन आउट के बीच धोनी ने भारत के लिये 538 मैचों में 17266 रन, 16 शतक, 108 अर्धशतक, 359 छक्के, 829 विकेटस, टी20 विश्व , वनडे विश्व कप, चैम्पियंस ट्रॉफी, 3 आईपीएल खिताब और 2 चैम्पियंस लीग खिताब जीतकर अपने फैन्स को जश्न मनाने का मौका दिया।

धोनी ने अपने करियर के दौरान टेस्ट मैचों में 294 स्टंपिंग और वनडे में 123 स्टंपिंग अपने नाम किये हैं।

Story first published: Monday, August 17, 2020, 18:35 [IST]
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