For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

ये है सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने वाला गेंदबाज, 125 सालों से नहीं टूटा रिकाॅर्ड

स्पोर्ट्स डेस्क (नोएडा) : क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां आए दिन खिलाड़ियों के द्वारा कई रिकाॅर्ड स्थापित होते दिखते हैं, तो कई ध्वस्त होते हैं। बल्लेबाजी हो, फील्डिंग यो या फिर गेंदबाजी, तीनों स्तर पर हर खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं ताकि सदियों तक उनकी चर्चा की जाए। टेस्ट क्रिकेट में कई ऐसे रिकाॅर्ड कायम हैं जिनका टूटना फिलहाल मुश्किल दिख रहा है। सर डाॅन ब्रैडमन द्वारा सबसे अधिक एवरेज के साथ रन बनाना उनमें से एक है। वहीं भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के चाैथे मैच के दाैरान अपने 100 टेस्ट विकेट लिए। उन्होंने 24 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की और सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट चटकाने वाले भारत के पहले गेंदबाज भी बने। हालांकि क्रिकेट की दुनिया में सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने का रिकाॅर्ड विदेशी गेंदबाज के नाम है, जिसका टूटना मुश्किल है।

यह भी पढ़ें- ये हैं टेस्ट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले टाॅप-5 बल्लेबाज, लिस्ट में हैं सभी विदेशी

125 सालों से नहीं टूटा रिकाॅर्ड

125 सालों से नहीं टूटा रिकाॅर्ड

जी हां, शायद ही आप जानते हों कि जिस गेंदबाज के नाम टेस्ट में सबसे तेज 100 विकेट लेने का रिकाॅर्ड है, वो पिछले 125 सालों से कायम है। यह रिकाॅर्ड स्थापित किया है, इंग्लैंड के पूर्व महान तेज गेंदबाज जॉर्ज लोहमैन ने। वह अपने दाैर के समय सबसे चर्चित गेंदबाजों में से एक थे। जाॅर्ज ने 16 मैचों में 100 विकेट अपने नाम कर लिए थे। जाॅर्ज ने यह काम 2 मार्च 1896 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहानसबर्ग में किया था। जार्ज ने ऑस्ट्रेलिया के तेज बाॅलर चार्ली टर्नर को पीछे छोड़ यह रिकाॅर्ड बनाया था। टर्नर ने 1 फरवरी 1895 में महज 17 मैचों में विकटों का शतक लगा दिया था, लेकिन उनका यह रिकाॅर्ड एक साल बाद जार्ज ने तोड़ दिया। जाॅर्ज के अब इस रिकाॅर्ड को तोड़ना किसी भी गेंदबाज के लिए आसान नहीं है।

कम उम्र में छोड़ गए थे दुनिया

कम उम्र में छोड़ गए थे दुनिया

जाॅर्ज ने बहुत कम समय में अपनी धाक जमा ली थी, लेकिन वह कम उम्र में दुनिया का साथ छोड़ गए थे। जाॅर्ज का जन्म 2 जनवरी 1865 को हुआ था। उन्होंने जुलाई 1886 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। फिर अंतिम टेस्ट जुलाई 1896 को खेला। इस बीच उन्होंने अपनी गेंद से कई बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया, उनका करियर आगे बढ़ सकता था, लेकिन गंभीर बीमारी ने उन्हें चपेट में ले लिया। वह टीबी जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हुए। इसके कारण वह क्रिकेट से दूरी बनाने लगे। अंत में 36 की उम्र में 1 दिसंबर 1901 में केप कॉलोनी, ब्रिटिश साम्राज्य में उनकी मौत हो गई जहां वो इलाज के लिए जाते थे।

ऐसा रहा क्रिकेट करियर

ऐसा रहा क्रिकेट करियर

जाॅर्ज ने ना सिर्फ टेस्ट में कमाल दिखाया था, बल्कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन का कोई तोड़ नहीं था। उन्होंने 293 प्रथम श्रेणी मैच खेल जिस दाैरान उन्होंने 1841 विकेट लिए। इस दाैरान उन्होंने 176 बार फाइव विकेट हाॅल लिया, जबकि 57 बार किसी एक मैच में 10 या उससे अधिक विकेट हासिल किए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 28 रन देकर 9 विकेट रहा। वहीं उनके नाम 18 टेस्ट मैच रहे, जिसकी 36 पारियों में 112 विकेट शामिल रहे। टेस्ट में भी इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 28 रन देकर 9 विकेट रहा। वहीं बल्लेबाजी में उनके प्रदर्शन की बात करें तो टेस्ट में 213 रन तो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 7247 रन दर्ज हैं।

Story first published: Monday, September 6, 2021, 21:59 [IST]
Other articles published on Sep 6, 2021
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+