
मैनचेस्टर में हुआ 'मैजिक'
विराट कोहली की टीम इंडिया 30 जून को विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदार कही जाने वाली टीम इंग्लैंड के खिलाफ अपना सातवां लीग मुकाबला खेलेगी लेकिन विंडीज के खिलाफ मिली जीत ने विराट की झोली में एक अनोखी उपलब्धि शामिल कर दी है। मैनचेस्टर में विंडीज के खिलाफ मिली जीत के बाद कोहली पहले ऐसे भारतीय कप्तान हैं जिन्होंने किसी भी विश्व कप में 5 लगातार लीग मुकाबले जीते हैं। विश्व कप के इतिहास में कोहली ने इस स्वर्णिम रिकॉर्ड के आगे अपना नाम लिख दिया है। टीम इंडिया ने विंडीज के खिलाफ 268 रनों का स्कोर बनाया था और 125 रनों से मैच जीत लिया था।
READ MORE : धोनी की धीमी पारी के बचाव में आए गांगुली, सचिन को दिया यह 'जवाब'

रिकॉर्ड कर रहे हैं विराट का पीछा
बात विराट कोहली की हो तो ऐसा लगता है क्रिकेट में वो नहीं बल्कि रिकॉर्ड उनका पीछा कर रहा है और उनके नाम के साथ जुड़कर खुद सुशोभित हो जाना चाहता है। कोहली ने भले ही इस टूर्नामेंट में अब तक कोई शतक नहीं लगाया हो लेकिन उनके नाम एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज हो रहे हैं। कोहली ने इस मैच में सबसे तेज 20 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने की उपलब्धि हासिल की। उन्होंने इस मुकाम को हासिल करने के लिए महज 417 पारियां खेलीं। वहीं सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज को 453 पारियां खेलनी पड़ी थी।

'विश्वास एक प्यारा उपहार'
विराट कोहली ने इस मैच में एक और खास उपलब्धि हासिल की थी। विश्व कप में 4 लगातार पचासा जड़ने वालों की सूची में अब वो शामिल हो गए हैं। यह उपलब्धि उनसे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने साल 1987 में और सचिन तेंदुलकर ने 1996 और 2003 में हासिल किया था। कोहली इस एलिट लिस्ट में शामिल होने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। विंडीज पर मिली शानदार जीत के बाद उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक शब्द में टीम की जीत को लिखा और वो था 'विश्वास' उन्होंने कहा "विश्वास एक प्यारा उपहार है और इसे हम सभी लोगों को इस्तेमाल करना चाहिए "। विराट के सामने अब इंग्लैंड के खिलाफ मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने की चुनौती है। टीम इंडिया इसी दिन (विंडीज के खिलाफ मुकाबले के दिन) ODI की ताजा रैंकिंग में नंबर वन टीम भी बनी थी।
READ MORE : इन 60 गेंदों में सबसे कमजोर टीम है ऑस्ट्रलिया, क्या है भारत का हाल


Click it and Unblock the Notifications
