
धोनी के खिलाफ दर्ज हुई हितों के टकराव की शिकायत
वहीं फैन्स अभी धोनी की वापसी का जश्न पूरी तरह से मना भी नहीं पाये थे कि बीसीसीआई के पास एमएस धोनी को मेंटॉर नियुक्त करने के खिलाफ हितों के टकराव कि शिकायत आ गई। मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के पूर्व सदस्य संजीव गुप्ता ने बीसीसीआई के एपेक्स काउंसिल के सामने एक शिकायत दर्ज कराई है जिसमें एम एस धोनी को मेंटॉर बनाये जाने पर हितों का टकराव होने के आरोप लगाये गये हैं। माही के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद फैन्स फिर से इस दुविधा में पड़ गये हैं कि क्या धोनी के मेंटॉर बनने के रास्त में मुश्किल होने वाली है।

बीसीसीआई ने दिया करारा जवाब
इस मुद्दे को लेकर बीसीसीआई के एक अधिकारी (जो इस मामले से जुड़े सभी पक्ष पर काम कर रहे हैं) ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि इस तरह की शिकायत करने के पीछे का कोई मतलब नहीं है क्योंकि टीम का चयन किया जा चुका है और वो बस खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव को साझा करेंगे। इसके अलावा टी20 विश्वकप आईपीएल के बाद खेला जा रहा है और किसी को यह पता नहीं है कि धोनी सीएसके के लिये अगला सीजन खेलेंगे या नहीं।
उन्होंने कहा,'हम सभी को यह पता है कि जबसे नये नियम और दिशानिर्देशों को लागू किया गया है तब से इस तरह की शिकायत सिर्फ लोकप्रियता और जबरदस्ती विवाद पैदा करने के लिये की जाती रही हैं। विश्वकप का आयोजन आईपीएल के बाद किया जाना है। आईपीएल के अगले सीजन में दो नई टीमें जुड़ रही हैं और उसके लिये सभी खिलाड़ियों को बड़े ऑक्शन से गुजरना है जिसके चलते सभी खिलाड़ियों को इस सीजन के रिलीज कर दिया जायेगा। इतना ही नहीं किसी को नहीं पता कि एमएस अगले सीजन सीएसके के लिये खेलना जारी रखेंगे या नहीं।'

शिकायतकर्ता के अनुसार कोहली को भी नहीं खेलना चाहिये आईपीएल
बीसीसीआई अधिकारी ने शिकायतकर्ता को जमकर लताड़ते हुए कहा कि भारतीय टीम का चयन किया जा चुका है और मेंटॉर का टीम सेलेक्शन की प्रक्रिया में कोई दखल नहीं होने वाला है, वह सिर्फ टीम को गाइड करेंगे। वह टीम के लिये अहम साबित होंगे क्योंकि वह काफी सीनियर खिलाड़ी हैं और टीम को गाइड करने जा रहे हैं। बीसीसीआई के अधिकारी का मानना है कि अगर हम शिकायकर्ता के लॉजिक से काम करें तो उसके हिसाब से विराट कोहली को भी आईपीएल में भाग नहीं लेना चाहिये।
वहीं इस मुद्दे को लेकर बीसीसीआई के अन्य अधिकारी ने कहा कि यह चीजें उस स्तर पर पहुंच रही हैं, जिसके तहत कोई भी पूर्व क्रिकेटर अपने देश की सेवा नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की चीजों को छूट मिलती रही तो भारतीय क्रिकेट जल्द ही दफन हो जायेगा।


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