
केएल राहुल
राहुल एक सरप्राइज पैकेज साबित हुए हैं ऐसा इसलिए नहीं कि वे रन बना रहे हैं बल्कि इसलिए कि इंग्लैंड की मुश्किल परिस्थितियों में केएल बहुत लंबे समय बाद टेस्ट मैच खेल रहे हैं और वह भी ओपनिंग करते हुए। इससे पहले राहुल ने मानसिक तौर पर यह सोचा भी नहीं होगा कि उनको टीम में तुरंत ओपनर के तौर पर जगह मिल जाएगी लेकिन उन्होंने साबित किया है कि दिमागी स्तर के उनके एडजस्टमेंट कितने गजब के होते हैं। राहुल शतक भी लगा चुके हैं और वे फॉर्म में दिखाई दे रहें हैं। राहुल इस बार भी कुछ ना कुछ योगदान रोहित शर्मा के साथ साझेदारी करना चाहेंगे।
रोहित शर्मा-
आइए रोहित शर्मा की बात करते हैं जिन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में अपनी सेंचुरी तो मिस कर दी लेकिन अपने लयबद्ध स्पेस में दिख रहे हैं। रोहित हेडिंग्ले में राहुल के साथ फिर से बढ़िया साझेदारी करके अच्छी नींव रखना चाहेंगे। यह ओपनर के तौर पर रोहित का भी पहला इंग्लैंड दौरा है और एक शतक उनके बल्ले से इसी सीरीज में आता हुआ दिखाई दे रहा है।
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सूर्यकुमार यादव-
सूर्यकुमार यादव का यहां पर डेब्यू हो सकता है जिन्होंने लिमिटेड ओवर क्रिकेट में बड़े ही शानदार प्रदर्शन करके दिखाएं हैं। चेतेश्वर पुजारा भारतीय टीम की लंबे समय से गंभीर समस्या रहे हैं जिनसे टीम मैनेजमेंट छुटकारा पाना चाहता है तो सूर्यकुमार यादव जैसा बहुत शानदार बल्लेबाज टीम की बैटिंग लाइनअप को ताकत देने के लिए मौजूद है।

विराट कोहली-
जाहिर है वे कप्तान होंगे लेकिन कोहली भी रन नहीं बना रहे हैं और कहीं ना कहीं टीम के लिए बल्लेबाज कोहली एक समस्या बना हुआ है। इंग्लैंड दौरे की उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही है। लंबे समय से वे अपने शतक से भी जूझ रहे हैं और उनकी बातों से लगता है कि उनको इसका खास गम भी नहीं है। एक बल्लेबाज के तौर पर विराट कोहली अपना आकलन इस समय कहां कर रहे हैं यह तो वह खुद ही जानते हैं लेकिन क्रिकेट में धमाकेदार वापसी के लिए शतक लगाना बहुत जरूरी है और कहीं ना कहीं विराट कोहली इसको खोज रहे हैं।
अजिंक्य रहाणे
रहाणे को लार्ड्स टेस्ट में खेली गई दूसरी पारी यहां बचा कर ले जाती है जहां उन्होंने बहुत बढ़िया 61 रन बनाए थे और साबित कर दिया था कि है इतनी आसानी से अपनी जगह नहीं छोड़ने वाले हैं। रहाणे उप कप्तान भी हैं और हमने कई अहम मौके पर उनके बल्ले से बहुत यादगार पारियां निकलते हुए देखा है। साथ में यह नहीं भूलना चाहिए कि ओवरसीज टेस्ट मैचों में रहाणे का औसत भारतीय सरजमीं पर खेलने की तुलना में कहीं अधिक है।

ऋषभ पंत-
ऋषभ पंत की विकेटकीपिंग में काफी सुधार आया है लेकिन उनको बल्ले से कुछ रन बनाने बाकी है। हालांकि पंत को असफल बल्लेबाज नहीं कहेंगे क्योंकि उन्होंने छोटे-छोटे मौके पर 3 रन बनाकर टीम का बेड़ा पार करने का काम किया ही है लेकिन अकेले दम पर सुपर हीरो की तरह में जीताना अभी बाकी है और पंत कहीं ना कहीं एक और ओवरसीज शतक के लिए देख रहे होंगे जो उनको पहले से ही आसमान की बुलंदियों छू रही लोकप्रियता में चार चांद प्रदान करेगा।
रविचंद्रन अश्विन/ रविंद्र जडेजा
रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा में से किसी एक को चुनना हमेशा एक टेढ़ी खीर साबित होता है। जडेजा बल्ले और फील्डिंग से बहुत आगे निकल जाते हैं और उन्होंने पिछले दो मैचों में अच्छी बैटिंग भी की है हालांकि दोनों में से कौन खेलेगा यह पूरी तरह परिस्थितियों के ऊपर निर्भर करता है।

मोहम्मद सिराज-
विराट कोहली मोहम्मद सिराज को बाहर करने का रिस्क नहीं लेंगे क्योंकि वह लंबी रेस के घोड़े साबित होते दिखाई दे रहे हैं। वे युवा गेंदबाज हैं जिन्होंने अपनी लगातार गेंदबाजी करने की क्षमता से प्रभावित किया है। सिराज के पास हालांकि अभी बहुत ज्यादा स्पीड नहीं है लेकिन जोश अच्छा है। हो सकता है समय के साथ उनमें गति भी देखने को मिले, फिलहाल भी वे अपना काम बहुत अच्छे से निभा रहे हैं और लीड्स में एक और पावरफुल परफॉर्मेंस करने की और देखेंगे।

मोहम्मद शमी-
ये हमेशा के लिए भारत के सदाबहार बॉलर है। चाहे बुमराह चोट के कारण बाहर हो जाएं या इशांत शर्मा को भी फिटनेस मुद्दों के कारण बाहर होना पड़े या फिर प्रदर्शन के चलते किसी गेंदबाज को बाहर होना पड़े लेकिन शमी हमेशा टीम में रहते ही हैं। शमी की चिंताओं के बारे में बात करना बेकार है क्योंकि वह अपने आपको अनेकों मौके पर साबित कर चुके हैं और उन्होंने तो बल्ले से भी दूसरे टेस्ट मैच में कमाल करके दिखाया है। बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ शमी अंग्रेजों के लिए एक बार फिर से खतरा साबित होने जा रहे हैं।

शार्दुल ठाकुर/ईशांत शर्मा
ये एक ऑलराउंडर है जो उनको इस मैच के लिए फेवरेट बनाता है। अगर वे फिट हुए तो प्लेइंग इलेवन में खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं। और अगर वह फिट नहीं हो पाते हैं तो इशांत शर्मा एक बार फिर से इंग्लिश सरजमीं पर अपना अनुभव झोंकते हुए दिखाई देंगे जिन्होंने दूसरे टेस्ट मैच में अच्छी बॉलिंग की थी। ईशांत ने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया है जिसके चलते उनको बाहर किया जाए, लेकिन जैसा की कहते हैं ये एक बार फिर से परिस्थितियों के अनुसार कॉल होगी।
जसप्रीत बुमराह-
बुमराह हमेशा की तरह भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ है और वे यहां पर दिखाई देंगे। वे फिर से सुनहरे दौर में प्रवेश कर चुके हैं और इस मैच में भी कुछ विकेट लेकर अपनी टीम को लीड दिलाना चाहेंगे।


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