जानें क्यों ओवल में अश्विन को बाहर बिठाने का फैसला सही, जडेजा ही कोहली के लिये सही विकल्प

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज का चौथा मैच ओवल के मैदान पर खेला जा रहा है, जिसमें दोनों टीमों के लिये अभी तक तीनों नतीजे मुमकिन नजर आ रहे हैं। भारतीय टीम ने दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 368 रनों का लक्ष्य रखा है, जिसके जवाब में इंग्लिश टीम के सलामी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की है और 38 ओवर के बाद बिना कोई विकेट खोये 86 रन जोड़ लिये हैं। ओवल के मैदान पर खेला जा रहा यह टेस्ट मैच भले ही पांचवे दिन में पहुंच गया है लेकिन पिच से गेंदबाजों को कुछ खास मदद नहीं मिल रही है और मैच को जिताने की जिम्मेदारी स्पिनर्स के कंधों पर नजर आ रही है।

हालांकि इस बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या भारतीय कप्तान विराट कोहली का इस मैच में अश्विन को बाहर बिठाने का फैसला सही है। कुछ फैन्स ने सोशल मीडिया पर इस फैसले के खिलाफ लिखते हुए कहा कि कोहली खुद को सही साबित करने के लिये किसी भी हद तक जा सकते हैं और यही वजह है कि उन्हें पांचवे नंबर पर बल्लेबाजी कराते नजर आ रहे हैं।

और पढ़ें: ICC ने जारी किये अगस्त के प्लेयर ऑफ द मंथ के नामिनेशन, यहां पर भी जारी है भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला

सोशल मीडिया पर अश्विन को न खिलाने की दुहाई देने वाले यह फैन्स उस अमेरिकी शूटर की याद दिलाते हैं जिसे 2004 के एथेन्स ओलंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतने के लिये 8.0 अंक की दरकार थी और उन्हें पूरा भरोसा था कि उन्होंने वो निशाना साधा है, हालांकि सच तो यह था कि उस शूटर ने शून्य अंक हासिल किये थे और आखिरी पायदान पर रहे थे क्योंकि उन्होंने गलत निशाने पर शूट किया था।

और पढ़ें: PAK vs NZ: पाकिस्तान के नये कोच बन सकते हैं सक्लैन मुश्ताक-वकार यूनिस, मिस्बाह उल हक को करेंगे रिप्लेस

जायज है जडेजा को खिलाने का फैसला

जायज है जडेजा को खिलाने का फैसला

सोशल मीडिया पर अश्विन को टीम में खिलाने की बात करने वाला हर व्यक्ति एक बात को समझ नहीं पा रहा है कि किस खिलाड़ी की जगह प्लेइंग 11 में अश्विन को शामिल किया जाये। कुछ लोगों का मानना है कि जडेजा की जगह अश्विन को मौका दिया जाना चाहिये हालांकि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि जडेजा को 5वें नंबर पर प्रमोट किया जाना एक सोचा समझा और सही कदम है। सीरीज की बात करें तो जडेजा ने रॉरी बर्न्स और अजिंक्य रहाणे से ज्यादा समय क्रीज पर बिताया है और भारत के टॉप 4 में शामिल बल्लेबाजों से ज्यादा औसत से बल्लेबाजी की है तो अश्विन से ज्यादा जडेजा ने हनुमा विहारी को टीम से बाहर रखा है।

सवाल यह कभी भी नहीं रहा है कि क्या रविंद्र जडेजा की तुलना में अश्विन ज्यादा विकेट हासिल कर सकते हैं, क्योंकि जवाब एकदम साफ है कि जी हां क्यों कि वह उनसे बेहतर स्पिन गेंदबाजी हैं। सवाल यह रहा है कि क्या अश्विन टीम के चौथे सीमर गेंदबाज की तुलना में ज्यादा विकेट हासिल कर सकेंगे क्योंकि यह जडेजा नहीं है जो उन्हें टीम से बाहर रख रहे हैं बल्कि टीम के चौथे सीमर की वजह से वह प्लेइंग 11 में जगह नहीं बना पा रहे हैं।

टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल ने बदली है सोच

टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल ने बदली है सोच

दरअसल इसका जवाब विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल से नजर आता है जिसका असर इस सीरीज पर नजर आ रहा है। विराट कोहली के पास इस फाइनल मैच में आईसीसी खिताब जीतने का सबसे अच्छा मौका था जिसमें कप्तान ने 3 सीमर और 2 स्पिनर्स के साथ जाने का फैसला किया जबकि परिस्थितियां 4 सीम गेंदबाजों के हक में थी। फाइनल के लिहाज से अश्विन ने शानदार गेंदबाजी की लेकिन खिताब न मिल पाने की वजह से टीम मैनेजमेंट को लगा कि उन्होंने टीम के चयन में गलत खिलाड़ी का चयन किया।

इसी के चलते यह सीरीज गेंदबाजों को पहले प्राथमिकता देते हुए नजर आयी है। हेडिंग्ले टेस्ट को छोड़ दें तो भारतीय टीम ने हर टॉस के बाद गेंदबाजी को ही प्राथमिकता दी है, जो कि दर्शाता है कि परिस्थितियां 4 सीमर गेंदबाजों के पक्ष में ही नजर आयी हैं।

3 सीमर खिलाने पर कप्तान को होती यह दिक्कत

3 सीमर खिलाने पर कप्तान को होती यह दिक्कत

वहीं गेंदबाजों की बात करें तो वह जोड़ियां बनाकर शिकार करते हैं। इस सीरीज में खेले गये ज्यादातर मैच में कप्तान परिस्थितियों को देखते हुए हर समय कम से कम एक तेज गेंदबाज खिलाने के पक्ष में नजर आये हैं। ऐसे में अगर कप्तान के पास सिर्फ 3 ही तेज गेंदबाज होंगे तो उसे अपने एक गेंदबाज को ज्यादा खींचना पड़ेगा और बाकी दो गेंदबाजों को लगातार बदलते रहना होगा। अगर आपका हर तेज गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहा है तो पारी के अंत तक लगभग हर गेंदबाज एक जितनी गेंदबाजी करता नजर आयेगा।

लेकिन तीन गेंदबाजों के साथ कप्तान को दिक्कत तब आती है जब किसी एक गेंदबाज का खराब दिन आ जाये। ऐसे में कप्तान के लिये अपने गेंदबाजों को आराम देने के लिये स्पिन का इस्तेमाल करना पड़ता है और परिस्थितियां अगर उनके अनुकूल नहीं हो तो कप्तान की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। यही वजह रही है कि भारतीय कप्तान इस सीरीज में 4 तेज गेंदबाजों के टेंपलेट के साथ टिके हुए हैं।

इस वजह से अश्विन को न खिलाने का फैसला बिल्कुल सही

इस वजह से अश्विन को न खिलाने का फैसला बिल्कुल सही

बतौर क्रिकेटर अश्विन की बात करें तो वो शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं और अपने खेल में लगातार बदलाव करने की काबिलियत के चलते उन्हें विकेट लेने के लिये पिच से मदद की जरूरत नहीं होती है। यहीं वजह है कि अश्विन विदेशी सरजमीं हो या फिर घरेलू मैदान दोनों ही जगह लगभग उतने ही खतरनाक नजर आते हैं। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल के जरिये भारतीय ड्रेसिंग रूम की कहानियां फैन्स के साथ साझा की है जिसके चलते उनकी पॉपुलैरिटी में भी काफी बढ़ोतरी हुई है और शायद यही कारण है कि सोशल मीडिया पर जो लोग लगातार अश्विन को बाहर किये जाने पर सवाल उठा रहे हैं वो क्रिकेट के जुड़े कारण को नजरअंदाज कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इस सीरीज की बात करें तो जसप्रीत बुमराह ने अब तक 16 विकेट चटकाये हैं तो मोहम्मद सिराज ने 15 विकेट तो मोहम्मद शमी के खाते में 11 विकेट आये हैं। वहीं पर चौथे तेज गेंदबाज की बात करें तो संयुक्त रूप से इस नंबर पर 13 विकेट हासिल किये हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अश्विन भारत के लिये इतने ही सफल गेंदबाज साबित होते जितना की चौथा तेज गेंदबाज हुआ है। यही वजह है जिसके चलते अश्विन को टीम में जगह नहीं मिल पा रही है और अश्विन को टीम में शामिल नहीं करने का फैसला बिल्कुल सही नजर आता है। हो सकता है के ओवल टेस्ट मैच का नतीजा एक समय के लिये आपको अश्विन की जगह जडेजा को खिलाना गलत नजर आये लेकिन क्रिकेट के लॉजिक की बात करें तो यह फैसला गलत नहीं लगता है।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

Story first published: Monday, September 6, 2021, 16:43 [IST]
Other articles published on Sep 6, 2021
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Yes No
Settings X