
19 साल बाद आंध्रप्रदेश से पहुंचने वाले खिलाड़ी
टीम इंडिया में पृथ्वी शॉ का चयन किसी के लिए बहुत आश्चर्य भरा नहीं था लेकिन जिस नाम से पूरी दुनिया अनजान थी वो आज दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है। 24 वर्षीय हनुमा विहारी 19 साल बाद आंध्र प्रदेश के पहले ऐसे खिलाड़ी बने हैं जिन्हें टीम इंडिया में जगह मिली है। इनका चयन चौथे और पांचवें टेस्ट के लिए किया गया है। एम.एस.के.प्रसाद, पूर्व भारतीय विकेटकीपर और मौजूदा मुख्य चयनकर्ता आंध्र प्रदेश के आखिरी खिलाड़ी थे जिन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली थी। प्रसाद ने साल 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू किया था।
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दुनिया में सबसे बेस्ट औसत
कंटेम्परेरी क्रिकेट में हुनमा विहारी क्रिकेट के एलिट क्लब में शामिल एक शानदार खिलाड़ी हैं। फटाफट क्रिकेट की चकाचौंध से दूर यह खिलाड़ी विश्व क्रिकेट में सबसे शानदार घरेलू औसत के साथ क्रिकेट की किताब में अपनी अलग चमक बिखेर रहा है। डोमेस्टिक क्रिकेट में 59.79 की औसत से रन बनाने वाला यह खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ से भी आगे है। स्मिथ का औसत 57.27 है जो सेकेंड बेस्ट है। क्रिकेट जगत में अपने कंसिस्टेंट परफॉरमेंस की बदौलत इस खिलाड़ी ने न सिर्फ अपने कोच और चयनकर्ताओं का दिल जीता बल्कि अब टीम इंडिया की व्हाइट जर्सी में अपना सपना भी जियेगा।
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इंग्लैंड के लीग क्रिकेट में 6 शतक
आईपीएल को टीम इंडिया में जगह पाने का सबसे शानदार प्लेटफॉर्म माना जाता है लेकिन हनुमा विहारी ने इस मिथक को भी तोड़ दिया। उन्होंने आखिरी बार साल 2015 में कोई आईपीएल मैच खेला था। टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे पर इस खिलाड़ी के चयन की एक और सबसे बड़ी वजह इंग्लैंड में रहकर लीग क्रिकेट खेलना है। इन्होंने Hutton CC (क्रिकेटिंग क्लब) की ओर से 2014-2015 में शेफर्ड नीम एसेक्स फर्स्ट डिवीज़न लीग के कई मैच खेले हैं जहां इन्होंने 6 शतक लगाए हैं। इस खिलाड़ी ने बांग्लादेश में खूब लीग क्रिकेट खेली है। इंग्लैंड में रहकर इस खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन भी इनके चयन की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

कैसे विराट का बैकअप बना यह खिलाड़ी
अगर आपसे कोई पूछे कि टीम इंडिया में अभी विराट की जगह कौन सा खिलाड़ी ले सकता है तो शायद ही आपको ऐसा कोई नाम मिले जो उनके बराबर दमखम वाला हो लेकिन इस खिलाड़ी का चयन विराट के बैक-अप के तौर पर हुआ है। यह अपने आप में बड़ी बात है। जून में India A के इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली टीम में चुने वाले चार खिलाड़ियों में हनुमा विहारी भी एक खिलाड़ी थे जिन्हें 50-ओवर और चार दिवसीय मैच की दोनों टीमों में जगह मिली। उन्होंने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया। वो इस दौरे पर खेली तीन पारियों में 253 रन किए जिसमें विंडीज-A के खिलाफ 147 रनों की पारी भी शामिल है। वो इस दौरे पर तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे। हाल में दक्षिण अफ्रीका-A के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने 148 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। हाल में खेले गए 5 फर्स्ट क्लास मैच में उन्होंने अर्धशतक और एक शतक जड़ा है।

किसने पहचानी हनुमा की प्रतिभा
सनथ कुमार जो अब अंडर-19 और India A टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल हैं, सबसे पहले इन्होंने हनुमा विहारी के शानदार बल्लेबाज होने की प्रतिभा पहचानी थी। उस समय सनथ आंध्रप्रदेश के कोच थे। उन्होंने एक वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में बताया कि "विकेट के स्क्वायर साइड में हनुमा काफी स्ट्रांग हैं, यह एक बैक फुट के बल्लेबाज की सबसे बड़ी प्रतिभा है। उन्होंने विहारी की प्रतिभा के बारे में एक और खास बात बताई जो है 'कसी भी गेंदबाज के लेंथ को पिक करना जो उन्हें शॉर्ट खेलने का काफी समय देता है, उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उन्होंने अपने बैट स्विंग पर काफी काम किया है, सीधा खेलना और शरीर के करीब खेलना उनका सबसे बड़ा स्ट्रेंथ है। ऐसी प्रतिभा कम युवा खिलाड़ियों में है जिसकी वजह से वो ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की पिचों पर काफी सफल रहे हैं।
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रणजी ट्रॉफी में मचाया धमाल
2017-18 की रणजी ट्रॉफी में हनुमा विहारी ने 6 मैचों में 94.00 की औसत से 752 रन बनाए। उन्होंने अपनी इन पारियों में ओडिशा के खिलाफ 302 रनों की नाबाद पारी भी खेली जो उनका करियर बेस्ट है। उनका बल्ला यहीं नहीं रूका, उन्होंने मार्च में ईरानी कप में भी एक धमाल पारी खेली। रणजी ट्रॉफी चैंपियन विदर्भ के खिलाफ उन्होंने रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलते हुए 327 गेंदों की पारी में 183 रन बनाए। उन्होंने ये रन विदर्भ के शानदार पेस अटैक उमेश यादव और रजनीश गुरबाणी (रणजी ट्रॉफी 2017-18 के लीडिंग विकेट लेने वाले गेंदबाज) जैसे तेज गेंदबाजों के खिलाफ बनाए। उन्होंने लोअर ऑर्डर के साथ मिलकर भी एक शानदार पारी खेली और सातवें विकेट के लिए जयंत यादव के साथ 216 रनों की पार्टनरशिप की। इन तमाम पारियों ने इस खिलाड़ी को टीम इंडिया की दहलीज पर पहुंचाया है।

आईपीएल में झटक चुके हैं गेल का विकेट
पृथ्वी शॉ की तरह हनुमा विहारी ने भी अंडर-19 वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व किया है। इस खिलाड़ी का पहले टीम में चयन नहीं हुआ था। ऑस्ट्रेलिया में खेले गए वर्ल्ड कप की टीम में ओपनर मनन वोहरा की जगह इन्हें शामिल किया गया था क्योंकि ऑस्ट्रेलिया जाने से ठीक एक दिन पहले उनका अंगूठा टूट गया था। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से आईपीएल मैच खेला है और एक बार जब गेंदबाजी करने को कहा गया तो उन्होंने यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया था।

लक्ष्मण हैं हनुमा के प्रेरणा श्रोत
हनुमा विहारी ने हाल में दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि " राहुल सर के बताए टिप्स मेरे लिए बेहद मददगार साबित हुए हैं, उनके सुझाव से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है. वी.वी.एस लक्षमण हनुमा विहारी के प्रेरणा श्रोत हैं जिन्हें भारतीय क्रिकेट में 'कलाई का जादूगर' कहा जाता है। ये दोनों खिलाड़ी हैदराबाद से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि 'हाल में किए दक्षिण अफ्रीकी दौरे से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, राहुल सर के साथ यह मेरा पहला टूर था और उन्होंने मुझे क्रिकेट की जो बारीक चीजें बताई हैं उससे काफी मदद मिली है।'
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