B'day Special : क्या है कपिल देव का पूरा नाम? जानिए उनके बारे में कुछ खास बातें

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना पहला आईसीसी विश्व कप का खिताब साल 1983 में में जीता था। कपिल देव ने उस समय बताैर कप्तान भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी आज यानी कि 6 जनवरी का दिन कपिल देव के लिए खास हैं क्योंकि वो अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने 1979 से 1994 तक 16 साल तक भारत के लिए क्रिकेट खेला। इस दाैरान उन्होंने कई अविश्वसनीय मैच खेले। उन्होंने अपने हरफनमौला करियर के दौरान 225 एकदिवसीय मैचों में 253 विकेट और 3783 रन और 131 टेस्ट में 434 विकेट और 5248 रन बनाए।

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जानिए कपिल देव के बारे में कुछ खास बातें-

जानिए कपिल देव के बारे में कुछ खास बातें-

- बहुत कम लोग जानते होंगे कि कपिल देव का पूरा नाम कपिल देव रामलाल निखंज है। उनका जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था। कपिल के पिता रामलाल एक बिल्डर और लकड़ी के ठेकेदार थे। कपिल देव के माता-पिता भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान रावलपिंडी से चले गए थे।

- कपिल घरेलू क्रिकेट में हरियाणा के लिए खेले और 1975 से 1992 तक 17 साल तक हरियाणा टीम के नियमित सदस्य रहे।

- 1983 वर्ल्ड कप में उन्होंने 303 रन बनाए थे। साथ ही 12 विकेट लिए थे। उन्होंने 8 मैचों में 7 कैच भी लिए थे। उन्होंने विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 175 रनों की यादगार पारी भी खेली थी।

टेस्ट करियर में रन आउट नहीं हुए

टेस्ट करियर में रन आउट नहीं हुए

- फरवरी 1994 में, कपिल ने रिचर्ड हेडली के 431 विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ा था। उन्होंने अपने करियर में 434 विकेट लेने के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। लेकिन अगले आठ सालों तक एक टेस्ट में सर्वाधिक विकेट लेने का उनका रिकॉर्ड अटूट रहा। बाद में कोर्टनी वॉल्श ने उनके रिकॉर्ड को तोड़ा था।

- इसके अलावा कपिल देव वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी थे। इसलिए, डेनिस लिली और मुथैया मुरलीधरन की तरह, वह वनडे और टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।

- एक रोचक बात यह भी है कि कपिल टेस्ट करियर में कभी भी 184 पारियों में रन आउट नहीं हुए हैं। इसके अलावा कपिल देव अपने 16 साल के करियर में कभी भी चोट के चलते मैच से बाहर नहीं हुए हैं।

- कपिल ने फिर अक्तूबर 1999 से अगस्त 2000 तक भारतीय क्रिकेट टीम को कोचिंग दी। लेकिन उस समय उन्होंने मैच फिक्सिंग कांड के बाद कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था।

- उन्होंने तीन आत्मकथाएं लिखी हैं और पहली आत्मकथा, गॉड डिक्री, 1985 में प्रकाशित हुई थी। आत्मकथा 'क्रिकेट माई स्टाइल' 1987 में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद उन्होंने 2004 में स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट नामक एक आत्मकथा प्रकाशित की।

रोमी से ट्रेन में हुई मुलाकात

रोमी से ट्रेन में हुई मुलाकात

- कपिल देव ने भारत की ओर से 2018 एशिया पैसिफिक सीनियर गोल्फ चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया था।

- वह 2008 में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुए थे।

- कपिल देव ने रोमी से शादी की है। उन्होंने उसे अनोखे अंदाज में शादी के लिए प्रपोज किया था। दोनों की मुलाकात ट्रेन सफर के दाैरान हुई थी तब कपिल ने रोमी से पूछा था कि क्या वह अपने बच्चों को दिखाने के लिए इस जगह से तस्वीर लेना चाहेगी। कपिल ने जो कहा उसे समझने में रोमी को थोड़ा वक्त लगा लेकिन फिर उन्होंने हां कर दी। कपिल और रोमी की एक बेटी है।

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Story first published: Thursday, January 6, 2022, 12:56 [IST]
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