
44 साल बाद दूसरे सबसे कम स्कोर पर सिमटी इंडिया
लॉर्ड्स पर टीम इंडिया ऐसे बिखर गई जैसे ताश के पत्ते। इंग्लैंड को मैच में ग्रिपिंग मोमेंट तब मिला जब उन्होंने चेतेश्वर पुजारा को रन आउट किया। इंग्लैंड की धारदार गेंदबाजी के आगे टीम इंडिया के सभी बल्लेबाज को हवा तक नहीं लगी और एक सत्र (35.2 ओवर) में उन्होंने अपने सभी विकेट गंवा दिए। इससे पहले साल 1974 में टीम इंडिया महज 17 ओवर में 42 रन पर ऑल आउट हो गई थी। 44 साल बाद टीम इंडिया लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दूसरे सबसे कम स्कोर पर आउट हो गई।

100 सालों में दूसरी सबसे छोटी टेस्ट पारी
लॉर्ड्स के मैदान पर पिछले 100 सालों में किसी भी टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए किसी भी टीम के द्वारा खेला गया यह दूसरा सबसे छोटा सत्र रहा. टीम इंडिया 35.2 ओवर खेल पाई वहीं इससे पहले ज़िम्बाब्वे की टीम साल 2000 में 30.3 ओवर में सिमट गई थी। साल 2005 में बांग्लादेश 38.2 ओवर में 108 रनों पर सिमट गई थी वहीं 2005 में ऑस्ट्रेलिया 40.2 ओवर में 190 रनों पर सिमट गई थी और इंग्लैंड भी साल 1997 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में महज 77 रनों पर सिमट गई थी।

लॉर्ड्स में एंडरसन का कहर
जेम्स एंडरसन ने लॉर्ड्स में फिफर लिया और उन्होंने इस मैदान पर अब तक कुल 99 विकेट लिए हैं। उन्होंने इस मैदान पर खेले अपने 23वें टेस्ट मैच में छठी बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया है। वो होम ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले इस मैदान पर विकेटों के शतक से महज एक विकेट दूर हैं। श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन एक मात्र ऐसे गेंदबाज हैं जिनके नाम एक मैदान पर 100 टेस्ट विकेट है। एंडरसन ने अपनी धारदार गेंदबाजी से टीम इंडिया की कमर तोड़ दी। उनकी स्विंग होती गेंदों के आगे सभी भारतीय बल्लेबाज बेबस दिखे।

रंग में लौटते दिखे रहाणे
लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया के लिए सबसे पॉजिटिव चीज अजिंक्य रहाणे की छोटी ही सही लेकिन आत्मविश्वास से भरी पारी रही। 20 से अधिक गेंदों का सामना करने वाले सभी बल्लेबाजों में रहाणे का गेंदों पर कंट्रोल सबसे अधिक रहा। उन्होंने 77% गेंदें पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलीं। पुजारा ने 68 फीसदी, कोहली ने 66.67% और रवि अश्विन ने 57.89% गेंदों को पूरे आत्मविश्वास के साथ खेली। अगर पूरे टीम के औसत की बात करें तो 67% गेंदों पर कंट्रोल दिखा वहीं अगर पहले टेस्ट की बात करें तो दोनों पारियों में भारतीय बल्लेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन कर क्रमशः 80% और 74% शॉर्ट कंट्रोल के साथ खेले थे।

पिछले दो साल में 5 बार रन-आउट हुए पुजारा
पिछले दो साल में (2016 से अब तक) टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा एक दो नहीं बल्कि 5 बार रनआउट हुए हैं। टीम इंडिया के बांकी सभी बल्लेबाज कुल मिलाकर 5 बार रनआउट हुए हैं और कोई भी बल्लेबाज इस दौरान एक से अधिक बार रन आउट नहीं हुआ है। पुजारा अब तक टीम इंडिया की ओर से हुए 10 रन-आउट में से 7 में शामिल रह चुके हैं।
कोहली रन आउट कराते हैं और पुजारा रन आउट हो जाते हैं ! पढ़िए दिलचस्प आंकड़े

तीन साल के बाद हाल हुआ बेहाल
तीन साल पहले श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में भारतीय टीम के तीन टॉप आर्डर बल्लेबाज दहाई अंक में भी प्रवेश नहीं कर पाए थे। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में मुरली विजय (0), लोकेश राहुल (8) और पुजारा (1) रन बनाकर आउट हुए। इनके स्कोर को देखा जाए तो ऐसा लग रहा है मानो ये किसी शहर का एसटीडी कोड हों।

लॉर्ड्स पर तीन टेस्ट में फेल हुई दिग्गज टीमें
लॉर्ड्स में खेले गए आखिरी तीन टेस्ट मुकाबलों में पहली पारी का औसत स्कोर 138 रन रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए कोई भी टीम इस मैदान पर टेस्ट में बड़ा स्कोर करने में नाकाम रही है। साल 2017 में विंडीज 123 रनों के स्कोर पर सिमट गई थी और मेजबान इंग्लैंड भी पाकिस्तान के खिलाफ इसी साल हुए टेस्ट मैच में 184 रनों पर ढेर हो गई थी जबकि मौजूदा टेस्ट में टीम इंडिया 107 रनों के स्कोर पर सिमट गई।


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