
1. ग्लेन मैक्सवेल
ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल कैसा प्रदर्शन करते हैं, यह देखना भी दिलचस्प रहेगा। वो इसलिए, क्योंकि उनका बल्ला वैसे नहीं चला है, जैसा कि आईपीएल 2021 में आरसीबी के लिए चला था। मैक्सवेल ने 6 पारियों में 36 रन बनाए हैं। हालांकि दो पारियां ऐसी थीं कि वो क्रीज पर आए, लेकिन गेंद खेलने को नहीं मिली क्योंकि टीम उनके आने से पहले मैच जीतने की दहलीज पर थी। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ वह 21 गेंदों में 18 रन ही बना सके थे। श्रीलंका के खिलाफ 6 गेंदों में 5 रन बनाकर आउट हो गए थे तो पाकिस्तान के खिलाफ 10 मैचों में 7 रन ही बना सके थे। अब मैक्सवेल के पास टीम के लिए बड़े मैच में बड़ा रोल निभाने का बड़ा माैका है। मैक्सवेल 78 टी20आई मैचों में 30.27 की एवरेज से 1816 रन बना चुके हैं, जिसमें 3 शतक भी शामिल हैं। मैक्सेवल का ये प्रदर्शन दिखाता है कि वो छोटे फाॅर्मेट में कितने घातक बल्लेबाज हैं। खैर, उनके पास टीम के लिए खिताबी जीत में अहम रोल देने का माैका है।

2. मार्टिन गुप्टिल
न्यूजीलैंड की टीम को गुप्टिल से बड़ी उम्मीदे हैं। रोचक बात यह है कि टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में गुप्टिल दूसरे कीवी बल्लेबाज हैं जो टाॅप-10 में शामिल हैं। गुप्टिल ने टी20 विश्व कप 2021 में खेले 6 मैचों में 30 की एवरेज से 180 रन बनाए हैं। गुप्टिल पर गहरी नजरें इसलिए बनी हुई हैं क्योंकि वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कीवी बल्लेबाज हैं। गुप्टिल ने 14 फरवरी 2019 से लेकर अब तक कंगारू टीम के खिलाफ 12 टी20आई मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 152.10 की बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 435 रन बनाए। 2018 में आॅकलैंड में गुप्टिल ने कंगारूओं के खिलाफ 54 गेंदों में 105 रनों की शतकीय पारी भी खेली थी, जिसमें 6 चाैके व 9 छक्के शामिल रहे थे। अब एक बार फिर गुप्टिल से ऐसी ही धमाकेदार पारी उम्मीद फैंस लगाए बैठे हैं ताकि कीवी टीम का आईसीसी ट्राॅफी जीतने का सपना पूरा हो जाए।

3. डेविड वाॅर्नर
35 साल के हो चुके ओपनर डेविड वाॅर्नर की तूफानी बल्लेबाजी देखने के लिए सब बेताब रहेंगे। वाॅर्नर अगर चाैकों-छक्कों की बरसात करते हैं तो फिर कंगारू टीम का चैंपियन बनना भी आसान हो जाएगा। वाॅर्नर इस टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। वाॅर्न टी20 विश्व कप 2021 में खेले 6 मैचों में 47.20 की बेहतरीन एवरेज से 236 रन बना चुके हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में भी पाकिस्तान के खिलाफ 30 गेंदों में 3 चाैकों व इतने ही छक्कों की मदद से 49 रनों की पारी खेली जो जीत के काम आई। अब देखना है कि क्या वाॅर्नर फाइनल में भी ऐसी पारी खेलकर टीम के लिए बड़ा योगदान देते हैं या नहीं। हालांकि वाॅर्नर माैके को भुनाना चाहेंगे क्योंकि कंगारू टीम 2007 के बाद से कोई आईसीसी ट्राॅफी नहीं जीत पाई है। वहीं वाॅर्नर ने भी अपने क्रिकेट करियर में ट्राॅफी उठाने का गाैरव प्राप्त नहीं किया। 2009 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले वाॅर्नर के पास बड़ा माैका है कि धमाकेदार पारी खेल टीम को चैंपियन बनाएं। उनके ऊपर सबकी नजरें रहने वाली हैं।


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