4 लीटर दूध, 2 किलो चिकन, 15 नंबर का जूता, मिलिए हरियाणा के खली से

हरियाणा : दिलीप सिंह उर्फ द ग्रेट खली को हर कोई अच्छे से जानता है। डब्ल्यूडब्ल्यूई में बड़े रैसलरों को एक वार से ढेर करने वाले खली के चाहने वालों की संख्या कम नहीं है। अपने लंबे कद काठी और ताकतवर शरीर के कारण खली को भारत का सबसे महान रेसलर माना जाता है। हालांकि उनके अलावा अब कई भारतीय रेसलर भी अपनी पहचान बना चुके हैं तो कईयों को अभी भी सपोर्ट की जरूरत है। उन्हीं में से एक हैं हरियाणा के बरवाला निवासी 29 वर्षीय पहलवान संजय प्रजापति। इस शख्स को हरियाणा का खली कहा जाता है जो जब सड़क पर चलता है तो सब देखते ही रह जाते हैं।

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खली जैसा है शरीर

खली जैसा है शरीर

संजय का शरीर भी खली जैता है। उनकी करीब सात फीट लंबाई किसी को भी आर्कषित कर जाती है। संजय खली से कम नहीं हैं। उनका शरीर भी खली जैसा है। बगल में जब लोग खड़े होते हैं तो वह भी बाैने से साबित होते हैं। हालांकि संजय को अभी किसी का सपोर्ट नहीं मिला। वह भी रेसलिंग में अपना नाम राैशन करना चाहते हैं, लेकिन उनको हरियाणा सरकार से सपोर्ट की जरूरत है। संजय ने कड़ी मेहनत कर अपना शरीर ताकतवर बनाया है। उनकी छाती 45 इंच है। संजय हर दिन अपनी डाइट पर करीब 1500 रूपए खर्च करते हैं।

4 लीटर दूध, 2 किलो चिकन

4 लीटर दूध, 2 किलो चिकन

संजय डाइट में 4 लीटर दूध लेते हैं। साथ ही 2 किलो के करीब चिकन खाते हैं। संजय का कहना है कि डाइट में बिना चिकन के काम नहीं बनता। इसके अलावा हर दिन करीब 30-35 अंडे खा जाते हैं। हर दिन 20 के आसपास संजय रोटियां खाते हैं। जब सुबह प्रैक्टिस करने के बाद दूध में बादाम घोटकर पीते हैं तो करीब 300 बादाम उसमें डालते हैं। ऐसी डाइट के चलते ही उन्होंने अपना बाइसेप्स 18 इंच बरकरार रखा है। संजय की मां का नाम कमलेश देवी है जो अपने बेटे की डाइट का भी विशेष ध्यान रखती है। लोकल प्रधान पवन कुमार हैं जो संजय की डाइट का खर्चा पिछले 5 सालों से उठाते हैं। इसके अलावा संजय को 15 नंबर का जूता आता है जो स्पेशल ऑर्डर देने पर मिलते हैं।

खली को मानते हैं अपना गुरू

खली को मानते हैं अपना गुरू

संजय का कहना है कि उन्होंने डाइट करने के लिए एक होटल में भी नाैकरी की थी, ताकि वहां खाने के लिए अच्छा मिल जाए। इसके अलावा संजय ने दिल्ली में बाउंसर की नौकरी भी की। सरकारी नौकरी में भी ट्राई किया, लेकिन नहीं मिली। इसके अलावा संजय ने द ग्रेट खली की पंजाब में रामा मंडी में एकेडमी में भी एडमिशन लेने की कोशिश की लेकिन अधिक खर्चा होने कारण वह ट्रेनिंग नहीं कर सके। ना ही उनकी वहां खली से मुलाकात हुई थी। हालांकि संजय का कहना है कि वो खली को अपना गुरू मानते हैं। वह फिर से खली की एकेडमी में जाने के लिए भी तैयार हैं जो सीडब्ल्यूसी नाम से चलती है। संजय ने कुश्ती की शुरुआत उसने पांचवी कक्षा से ही शुरू कर दी थी। इसके बाद उसने हिसार में विष्णु कोच के यहां कोचिग ली। बाहरवीं तक शिक्षित संजय ने कुश्ती दंगलों में भागीदारी करके कई पुरस्कार भी जीते हैं।

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Story first published: Monday, January 3, 2022, 12:58 [IST]
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