WTC Final को लेकर आकाश चोपड़ा ने दिये जबरदस्त सुझाव, रोमांचक बन जायेगा दूसरा सीजन

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 से 23 जून के दौरान साउथैम्पटन के मैदान पर खेले गये पहले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में कीवी टीम ने विराट सेना को 8 विकेट से मात देकर टेस्ट प्रारूप का पहला आईसीसी खिताब अपने नाम किया। टेस्ट चैम्पियनशिप के पहले संस्करण के सफल आयोजन के साथ ही आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के दूसरे एडिशन का भी ऐलान कर दिया है। भले ही आईसीसी ने टेस्ट चैम्पियनशिप के पहले संस्करण का सफल आयोजन करा दिया हो लेकिन नियमों के चलते उसे कई जगह आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसमें विजेता तय करने के लिये सिर्फ एक फाइनल मैच और प्वाइंट सिस्टम भी शामिल है।

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हालांकि आईसीसी ने टेस्ट चैम्पियनशिप के लिये दूसरे सीजन के लिये अपने प्वाइंट सिस्टम में बदलाव का ऐलान कर दिया है लेकिन विजेता चुनने के लिये सिर्फ एक ही फाइनल मैच आयोजित कराने के नियम पर ही टिकी हुई है। इस बीच भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने टेस्ट चैम्पियनशिप के दूसरे संस्करण के लिये 2 ऐसे बदलाव सुझाव बताये हैं जिससे फाइनल मैच का रोमांच दोगुना हो जायेगा।

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अंकतालिका में टॉप पर रहने वाली टीम के मिले यह खास अधिकार

अंकतालिका में टॉप पर रहने वाली टीम के मिले यह खास अधिकार

आकाश चोपड़ा का मानना है कि टेस्ट चैम्पियनशिप के दूसरे एडिशन में अगर आईसीसी एक ही फाइनल मैच कराने को तत्पर है तो उसे अंकतालिका में टॉप पर रहकर फाइनल में पहुंचने वाली टीम को खास अधिकार देना चाहिये जिसके तहत आईसीसी फाइनल मैच का आयोजन टॉप पर रहने वाली टीम के देश में करायेगा।

उन्होंने कहा,'अगर आप विजेता का चुनाव करने के लिये 3 मैचों की सीरीज का आयोजन करा रहे हैं तो फिर जगह से फर्क नहीं पड़ता वो आप कहीं भी करा सकते हैं, लेकिन अगर आप सिर्फ एक ही फाइनल कराते हैं तो अंकतालिका में टॉप पर रहने वाली टीम को मेजबानी का अधिकार मिलना चाहिये। इससे उसके टॉप पर फिनिश करने का फायदा भी मिलेगा।'

फाइनल में टॉस खत्म कर मेहमान को मिले बढ़त

फाइनल में टॉस खत्म कर मेहमान को मिले बढ़त

उल्लेखनीय है कि पहले संस्करण के फाइनल का आयोजन इंग्लैंड में न्यूट्रल वेन्यू के तौर पर किया गया, हालांकि यहां की परिस्थितियां भारत के मुकाबले कीवी खिलाड़ियों की घरेलू परिस्थितियों से ज्यादा मेल खाती हैं और इसका फायदा उन्हें फाइनल में भी मिला। वहीं पर आकाश चोपड़ा ने टॉप पर रहने वाली टीम को मेजबानी दिये जाने की वकालत करने के साथ ही एक और सुझाव भी दिया ताकि मैच का नतीजा एकतरफा न हो जाये और घरेलू पिच पर मेजबानी का फायदा लेकर टीम एकतरफा जीत हासिल न करे।

उन्होंने कहा,'जाहिर सी बात है कि अगर टॉप पर रहने वाली टीम को फाइनल की मेजबानी मिलेगी तो नतीजे पर पक्षपात का खतरा मंडरा सकता है। हालांकि इससे बचने के लिये मेरे पास एक और सुझाव है। अगर आईसीसी पहला सुझाव मान जाती है तो फाइनल मैच से टॉस को खत्म कर मेहमान टीम को पहले बल्लेबाजी और गेंदबाजी चुनने का अधिकार दे देना चाहिये। इससे न सिर्फ मैच रोमांचक हो जायेगा बल्कि भीड़ भी ज्यादा बढ़ चढ़कर मैच देखने आयेगी।'

आईसीसी ने बदल दिया है प्वाइंट सिस्टम

आईसीसी ने बदल दिया है प्वाइंट सिस्टम

गौरतलब है कि आईसीसी की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप प्रतियोगिता के दूसरे सीजन का आगाज भारत और इंग्लैंड के बीच 4 अगस्त से खेली जाने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज से होगा। आईसीसी ने 2023 में खेले जाने वाले इस प्रतियोगिता के फाइनल मैच के लिये अभी तक जगह का चयन नहीं किया है। आपको बता दें कि आईसीसी ने दूसरे संस्करण के लिये अपने प्वाइंट सिस्टम में बदलाव कर दिया है और पिछले सीजन जहां हर सीरीज पर 120 अंक दिये जा रहे थे, वहीं इस सीजन प्रति मैच 12 अंक दिये जायेंगे। अंत में टीम का जीत प्रतिशत इसी आधार पर निकालकर अंकतालिका में जगह दी जायेगी और टॉप 2 टीमों को फाइनल में प्रवेश दिया जायेगा।

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Story first published: Thursday, July 1, 2021, 22:38 [IST]
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