
सिंपल बैकग्राउंड से आते हैं महेंद्र सिंह धोनी-
अधिकतर भारतीय क्रिकेटरों की तरह महेंद्र सिंह धोनी भी एक सादे बैकग्राउंड से आते हैं। धोनी किसी रईस परिवार में नहीं पैदा हुए थे। उनका जन्म राशि में 7 जुलाई 1981 में हुआ था। महेंद्र सिंह धोनी पान सिंह धोनी और देवकी धोनी के सबसे छोटे बेटे हैं। धोनी शुरू में एक फुटबॉलर बनना चाहते थे लेकिन बाद में उन्होंने क्रिकेट अपना लिया था। उसके बाद 1993 के आसपास में वे इस खेल में इस तरह से इंवॉल्व हुए कि फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। महेंद्र सिंह धोनी ने 1999 में अपना पहला फर्स्ट क्लास डेब्यू किया जो कि बिहार के लिए था और उसके 5 साल बाद यानी साल 2004 में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ पहला मुकाबला खेल कर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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माता-पिता, भाई-बहन की जानकारी-
महेंद्र सिंह धोनी के एक बड़ा भाई भी है जिनका नाम नरेंद्र सिंह धोनी है और उनकी एक बहन भी है जिनका नाम जयंती गुप्ता है। नरेंद्र सिंह धोनी एक पॉलीटिशियन है जबकि उनकी बहन इंग्लिश की टीचर है और वह शादीशुदा हैं। धोनी के पिता पान सिंह पर बात की जाए तो वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से ताल्लुक रखते हैं जहां पर वे लवली गांव के मूल निवासी है। वह MECON कंपनी में काम करते थे और 1964 में रांची प्रस्थान कर गए थे। उसके बाद से धोनी की फैमिली रांची में ही रहती है और उनकी माता एक हाउसवाइफ हैं।

जब मां-बाप ने कहा था- धोनी को अब हमारे पास रहना चाहिए
साल 2010 में धोनी की शादी साक्षी रावत से हुई जिन्होंने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रखी है और कोलकाता के ताज होटल में भी काम किया हुआ है। इस जोड़ी को साल 2015 में एक बेटी हुई थी जिसका नाम जीवा है। अगर हम धोनी के शुरुआती करियर के बारे में बात करते हैं तो धोनी के माता-पिता से जुड़ा एक रोचक किस्सा यह भी है जब 2019 का विश्व कप समाप्त हुआ था और भारतीय टीम की घोषणा वेस्ट इंडीज टूर के लिए हुई थी तो धोनी के माता पिता ने अपने बेटे से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को रिटायरमेंट देकर अपने मां-बाप के साथ रहने का आग्रह किया था। इस बात की जानकारी खुद धोनी के बचपन के कोच ने दी थी। धोनी के बचपन के कोच का नाम केशव बनर्जी है और केशव ने ही फुटबॉल से धोनी को क्रिकेट की ओर अग्रसर किया था।
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उन्होंने इस बात की जानकारी दी थी कि धोनी के माता पिता ने 2019 वर्ल्ड कप के बाद कहा था कि अब धोनी को रिटायर होकर अपने मां बाप के पास रहना चाहिए। इसके बारे में बनर्जी ने एक वीडियो इंटरव्यू के दौरान कहा था, "मैं धोनी के घर गया और उनके माता-पिता से बात की। उन्होंने कहा धोनी को अब क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। मैंने कहा, 'नहीं अभी उनको एक साल और खेलना चाहिए। यह अच्छा होगा अगर धोनी T20 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास लें।' इसके जवाब में उनके पिता ने कहा कि नहीं अब धोनी को संन्यास ले ही लेना चाहिए क्योंकि इतने बड़े घर की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।"
इसके जवाब में धोनी के कोच ने उनके माता-पिता से यह कहा, "आप लोगों ने इतने साल तक इस घर की देखभाल की है, केवल 1 साल का इंतजार और कर लीजिए।"

धोनी का शुरुआती करियर-
आपको बता दें कोरोना वायरस के चलते पिछले साल T20 वर्ल्ड कप नहीं हो पाया था और महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल 2020 से ठीक पहले 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। धोनी आईपीएल के लिए संयुक्त अरब अमीरात जाने से पहले रांची में लॉकडाउन के दौरान अपने परिवार के साथ ही रहे थे। अगर हम धोनी के करियर के शुरुआती दिनों की बात करें तो उन्होंने सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड और बिहार की अंडर-19 टीम की टीम को 1998 99 में रिप्रेजेंट किया है। इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल में खड़कपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट एग्जामिनर के तौर पर भी काम किया है। बाद में उन्होंने 2002-3 में डोमेस्टिक क्रिकेट में झारखंड की टीम का भी प्रतिनिधित्व किया है।


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