
ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स को बिग बैश लीग से होता है फायदा
सीमित ओवर्स प्रारूप में भारतीय टीम के सीरीज गंवा देने को लेकर जब सवाल किया गया तो कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इसका ठीकरा महिला आईपीएल को शुरू करने में हो रही देरी पर फोड़ा और कई पूर्व क्रिकेटर्स की तरह बीसीसीआई से महिला इंडियन प्रीमियर लीग को शुरू करने की गुहार लगाई। उल्लेखनीय है कि भारत की जीत में सबसे बड़ा रोड़ा बनी ताहिला मैक्ग्रा महिला बिग बैश लीग में एडिलेड स्ट्राइकर्स की ओर से खेलती है जहां पर उनके बल्ले से पहले भी कई बार इस तरह की पारियां देखने को मिली हैं।
सिडनी थंडर्स की ओर से महिला बिग बैश लीग में अनुभव लेने वाली हरमनप्रीत कौर ने सोफी मॉलिनेक्स और ताहिला मैकग्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि बीबीएल में उन्हें कई बार दबाव में खेलना पड़ा है जिसके अनुभव ने उनके प्रदर्शन को बेहतर किया है।
उन्होंने कहा,'अगर आप ताहिला मैक्ग्रा की बल्लेबाजी पर नजर डालेंगे तो साफ नजर आयेगा कि उनमें कितना आत्म-विश्वास है। वह यह कॉन्फिडेंस बीबीएल से लेकर आ रही हैं और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उसे जारी रखने को तैयार हैं। उनके पास अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने से पहले ज्यादा मैचों का अनुभव नहीं था। हमारे पास भी कुछ ऐसे युवा प्लेयर्स हैं जिन्होंने उच्चतम दर्जे की क्रिकेट खेलने से पहले ज्यादा अनुभव नहीं लिया है, जैसे कि रेणुका सिंह।'

हमारे खिलाड़ियों के पास दबाव में खेलने का अनुभव नहीं
हरमनप्रीत कौर का मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच दबाव भरी परिस्थितियों में खेलने के कम अनुभव का अंतर ही सीरीज की हार का कारण बना। कौर का मानना है कि हमारे पास टैलेंटेड प्लेयर तो हैं लेकिन उनके पास दबाव में खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है जैसा कि बीबीएल में ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स के पास होता है। अगर हमारे प्लेयर्स का भी आईपीएल होता तो वो ऐसी परिस्थितियों से निपटने के आदी होते और मैच को निकालना जानते।
उन्होंने कहा,'रेणुका सिंह और यशिका भाटिया ने घरेलू स्तर पर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन अभी भी उनके पास अनुभव की कमी है। अगर हमारे पास महिला आईपीएल होता तो हमारे घरेलू क्रिकेटर्स को दबाव में खेलकर निखरने का काफी अनुभव होता और हम ऐसे रोमांचक मैच जीत सकते थे।'

महिला आईपीएल न कराने की वजह से हम पिछड़ रहे हैं
भारतीय महिला टी20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पुरुषों के आईपीएल और उनके युवा खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम पुरुष क्रिकेट के युवा प्लेयर्स को देखते हैं जो आईपीएल का हिस्सा होते हैं उनमें नेशनल लेवल पर काफी मेच्योरिटी आ चुकी होती है। जब तक टीम में सेलेक्शन होता है तब तक उनके पास 40-50 आईपीएल मैचों का अनुभव आ चुका होता है।
उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि यह एक मात्र कारण है जिसकी वजह से हम पिछड़ रहे हैं। अगर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से पहले हमारे खिलाड़ियों को घरेलू स्तर पर आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलेगा तो बिल्कुल हमें सुधार देखने को मिलेगा। ऑस्ट्रेलिया में टीम में खेलने से पहले उसके खिलाड़ी विमेन बिग बैश लीग में 20-30 मैच खेल चुके होते हैं। यह आपकी स्किल्स के साथ ही अनुभव को बढ़ाता है ताकि आप जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलें तो खोया हुआ महसूस न करें।'


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