हरभजन ने सुनाया रिकी पॉन्टिंग का 12 साल पुराना चीटिंग वाला किस्सा, कहा- खुद बन गये थे अंपायर

नई दिल्ली। साल 2008 में जब भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची थी तो शायद ही किसी ने यह सोचा होगा कि यह सीरीज आने वाले समय में भारत और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की सबसे विवादित सीरीज बनने वाली है। इस सीरीज के दौरान कई तरह के विवाद देखने को मिले थे। इस सीरीज में जहां भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और एंड्रयू सायमंडस के साथ मंकी गेट विवाद देखने को मिला था तो वहीं पर सिडनी टेस्ट के दौरान खिलाड़ियों के बीच जमकर नोंक झोंक देखने को मिली थी।

और पढ़ें: इस कारण टूट गया सुशांत का क्रिकेटर बनने का सपना, वरना धोनी के साथ खेलते क्रिकेट

इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग बेहद आक्रामक रूप में दिखाई दिये थे जिन्होंने अपनी कप्तानी के साथ-साथ अंपायरिंग को रोल भी ले लिया था। इस मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 463 रन बनाये थे जिसका पीछा करते हुए भारत ने 532 रनों का पहाड़ खड़ा किया था, जिसके बाद उसे 122 रनों की हार का सामना करना पड़ा था।

और पढ़ें: जब फिल्मी पर्दे पर 'धोनी' बनते हुए टूट गई थी सुशांत की उंगली, इस खिलाड़ी ने दी थी ट्रेनिंग

स्टीव बकनर ने सुनाये थे कई गलत फैसले

स्टीव बकनर ने सुनाये थे कई गलत फैसले

इस मैच में अंपायरिंग की भी कई गलतियां देखने को मिली थी। अंपायर स्टीव बकनर ने सौरव गांगुली को गलत तरीके से आउट दिया था जिसमें साफ-तौर पर रिकी पॉन्टिंग का दखल देखा गया था। इतनी ही नहीं स्टीव बकनर ने एंड्रयू साइमंडस और माइकल क्लार्क के आउट होने के बावजूद आउट नहीं दिया था। वहीं दूसरी पारी में बकनर ने राहुल द्रविड़ औरर सौरव गांगुली को आउट देने से पहले रिकी पॉन्टिंग से पूछा और उसके बाद उन्हें आउट दे दिया।

इस मैच के करीब 12 साल बाद उस मैच में शामिल ऑफ स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने भारतीय कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि उस मैच में तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग खुद अंपायर की तरह व्यवहार कर रहे थे।

पॉन्टिंग सुना रहे थे खुद फैसला

पॉन्टिंग सुना रहे थे खुद फैसला

उल्लेखनीय है कि सिडनी में खेले गये दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में सौरव गांगुली के कैच को रिकी पॉन्टिंग ने पकड़ा था जिसे रिप्ले में देखने पर साफ हो गया था कि वह गेंद पहले जमीन पर गिरी है फिर उन्होंने पकड़ा है। इस कैच को लेकर अंपायर मार्क बेन्सन ने थर्ड अंपायर ब्रूस ऑक्सेनफॉर्ड से पूछने की बजाय रिकी पॉन्टिंग से पूछा जिनके कहने पर गांगुली को आउट दे दिया गया।

इस मैच को याद करते हुए हरभजन ने कहा, 'जब मैं 2008 सिडनी टेस्ट मैच की बात करता हूं तो मुझे लगता है कि पॉन्टिंग खुद ही अंपायर बन गए थे। वह कैच पकड़ने का दावा कर रहे थे और खुद ही फैसले सुना रहे थे।'

मंकी गेट पर झूठ बोल रहे थे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी

मंकी गेट पर झूठ बोल रहे थे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी

वहीं हरभजन ने एंड्रयू साइमंडस के साथ हुए मंकी गेट विवाद को लेकर भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मैथ्यू हेडेन, एडम गिलक्रिस्ट, माइकल क्लार्क और रिकी पॉन्टिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सभी ने सुनवाई के दौरान झूठ बोला था।

उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई कहते हैं कि जो मैदान पर हुआ उसे मैदान पर ही छोड़ देना चाहिए, लेकिन जो विवाद मेरे और साइमंड्स के बीच हुआ, वो मैदान के बाहर चला गया। मैं और साइमंड्स एक दूसरे के काफी पास थे और हमारे पास सचिन तेंडुलकर थे। जब सुनवाई शुरू हुई तो मैथ्यू हेडन, एडम गिलक्रिस्ट, माइकल क्लार्क और रिकी पॉन्टिंग, चारों ने कहा कि हमने भज्जी को साइमंड्स से कुछ कहते सुना है।'

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने माइकल जैक्सन की तरह पीछा किया

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने माइकल जैक्सन की तरह पीछा किया

ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में भारत को करीबी मुकाबले में आखिरी दिन 122 रनों से हरा दिया। इस मैच में पांच शतक बने थे। साइमंड्स ने ही इस मैच में नाबाद 162 रन बनाए थे।

उन्होंने कहा, 'मैं सोच रहा था कि तुम लोग तो पास में ही नहीं थे, जहां तक कि सचिन भी नहीं जानते थे कि क्या हुआ है। सिर्फ मैं और साइमंड्स जानते थे कि क्या हुआ है। मैं विवादों में फंस गया। सुनवाई हुई और मैं काफी डरा हुआ था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने मुझे माइकल जैक्सन बना दिया था। मेरा पीछा लगातार कैमरे कर रहे थे।'

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

Story first published: Sunday, June 14, 2020, 19:26 [IST]
Other articles published on Jun 14, 2020
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Yes No
Settings X