
भारत-साउथ अफ्रीका सीरीज रद्द होते ही गांव आ गये थे अनिल चौधरी
आईसीसी अंपायर अनिल चौधरी को मार्च में प्रस्तावित भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे सीरीज में अंपायरिंग करने थी लेकिन कोरोना वायरस महामारी के तेजी से फैलने के चलते इसे बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद अनिल चौधरी 16 मार्च को उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित अपने गांव डांगरोल आ गए थे।
चौधरी ने कहा, 'मैं 16 मार्च को अपने दोनों बेटों के साथ गांव आ गया था। मैं काफी दिनों बाद गांव आया था इसलिए मैंने एक सप्ताह यहां बिताने का फैसला किया लेकिन इसके बाद लॉकडाउन हो गया और मैं उसका पूरी तरह से पालन कर रहा हूं जबकि मेरी मां और पत्नी दिल्ली में हैं।'

खराब नेटवर्क की वजह से ICC के कामों में नहीं ले पा रहे भाग
अनिल चौधरी गांव में रहकर लोगों को एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाने के फायदे और कोरोना वायरस से बचने के तरीकों के बारे में बताकर उन्हें जागरुक बनाने के काम में लग हुए हैं। हालांकि इस क्षेत्र में खराब मोबाइल नेटवर्क होने के चलते वह विभिन्न ऑनलाइन कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं जिनमें आईसीसी की ओर से आयोजित की जानें वाली वर्कशॉप भी शामिल हैं। अंपायर अनिल चौधरी अब तक 20 वनडे और 28 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, 'गांव में नेटवर्क सबसे बड़ा मसला है। हम किसी से बात तक नहीं कर सकते या नेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके लिये उन्हें गांव से बाहर या किसी खास छत या पेड़ पर जाना होता है। वहां भी हमेशा नेटवर्क नहीं रहता है।'

खुद अनिल चौधरी ने शेयर की हैं यह मजेदार तस्वीरें
आईसीसी पैनल के अंपायर ने स्वयं कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली हैं जिनमें वह पेड़ पर चढ़कर फोन करते हुए दिखायी दे रहे हैं।
चौधरी ने कहा, 'अभी सबसे बड़ी समस्या बच्चों की ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर है। दिल्ली, रूड़की, देहरादून आदि शहरों में पढ़ने वाले लड़के ऑनलाइन कक्षाएं नहीं ले पा रहे हैं। मेरा बेटा हिन्दू कॉलेज में पढ़ता है। उसकी कक्षाएं चल रही हैं लेकिन नेटवर्क नहीं होने से वह मजबूर है।'

पिछले एक साल से खराब हैं मोबाइल नेटवर्क
अंपायर अनिल चौधरी ने इस समस्या के बारे में बात करते हुए बताया कि पिछले एक साल से गांव में मोबाइल नेटवर्क बड़ा समस्या बना हुआ है लेकिन लॉकडाउन में नेटवर्क न होने के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह दयनीय स्थिति तब है जब उनका गांव दिल्ली से महज 85 किलोमीटर दूर है। चौधरी ने बताया कि इस संबंध में उनके अनुरोध पर गांव की प्रधान ने शामली की जिलाधिकारी जसजीत कौर को पत्र भी लिखा लेकिन अब भी उन्हें उस पर कार्रवाई का इंतजार है।
उन्होंने कहा, 'हमने दस दिन पहले पत्र भेजा था लेकिन अभी तक हमें कोई जवाब नहीं मिला है। हालांकि इस बीच मैंने लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक भी किया। मैंने लोगों को एक साथ इकट्ठा नहीं होने, ताश नहीं खेलने, लगातार साबुन से हाथ धोने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने मेरी बात पर अमल भी किया। मैंने उन्हें कुछ मास्क भी बांटे। मेरे गांव वाले अब सामाजिक दूरी बनाए रखने का पूरा पालन कर रहे हैं।'


Click it and Unblock the Notifications
