
मैच कैंसिल होने पर भारत-इंग्लैंड आमने सामने
मैच के कैंसिल होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जहां पर इंग्लिश मीडिया ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपने जीवन पर लिखी बायोग्रॉफी के लॉन्च का हिस्सा बनने पर नाराजगी जताई है। इंग्लिश मीडिया का मानना है कि रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली जिस बुक लॉन्च इवेंट का हिस्सा बने थे वहां पर 150 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे और वहां पर यूके की ओर से जारी किये गये कोरोना संबंधी नियमों का पालन भी नहीं किया था। इंग्लिश मीडिया का मानना है कि इस इवेंट का हिस्सा बनने के चलते ही भारतीय खेमे में कोरोना विस्फोट हुआ है।
बीसीसीआई ने इसको लेकर कोच रवि शास्त्री और विराट कोहली को नोटिस भी जारी किया था लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार बोर्ड इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं करेगा। दैनिक जागरण से बात करते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस किसी को भी हो सकता है और इसमें कोच और फिजियो की कोई गलती नहीं है, इसी कारण उन पर कार्रवाई नहीं होगी। वहीं पर भारतीय फैन्स और मीडिया ने इंग्लैंड की टीम के सुरक्षा इंतजामात पर सवाल उठाये हैं और कहा है कि लगातार 3 मैचों में मैदान पर दर्शक के घुसने की घटना को ईसीबी दरकिनार कर रहा है और भारतीय खेमे पर आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अगर आईपीएल का आयोजन नहीं हो रहा होता तो यह मैच जरूर खेला जाता।

ईसीबी की लापरवाही के चलते फैला कोरोना
गौरतलब है कि इस बीच एक बड़ी रिपोर्ट सामने आयी है जिससे साफ हो रहा है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की लापरवाही के चलते कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है। रिपोर्ट के अनुसार जब से भारतीय टीम ने तीसरे टेस्ट मैच के लिये लंदन से लीड्स के लिये निकली है तब से ईसीबी ने कोरोना वायरस के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया है और भारतीय टीम के लिये किसी खास बायोबबल का इंतजाम नहीं किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार तीसरे टेस्ट मैच के साथ ही यूके सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल में ढील देने का फैसला किया था जिसके चलते बायोबबल में मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने जैसे प्रोटोकॉल पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया। इतना ही नहीं भारतीय टीम के लिये अलग से बायोबबल का भी इंतजाम नहीं किया गया, जहां पर भारतीय टीम टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के बाद पहली बार पहुंची थी।

पूरे देश में नहीं है कोविड प्रोटोकॉल, तो किस बात की पाबंदी
जब भारतीय टीम ने लीडस के होटल में एंट्री की तो पता लगा कि रेस्टॉरेंट और कैफे की सुविधायें आम आदमी के लिये भी खुली हुई हैं, वहीं पर जिस लिफ्ट का इस्तेमाल भारतीय खिलाड़ी कर रहे थे, वह आम लोगों के लिये भी खुला था।
भारतीय टीम के साथ ट्रैवल कर रहे एक सदस्य ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा,' कुछ ऐसा ही नजारा मैनचेस्टर में भी था, जहां हमें सिटी सेंटर के एक ऐसे होटल में ठहरना पड़ा जो सभी के लिये खुला था। सिर्फ नॉटिंघम में ही पूरा होटल दोनों टीमों के लिये बुक था क्योंकि वह लीड्स और मैनचेस्टर के मुकाबले छोटा था। तो हमें यह समझ नहीं रहा कि लोग किस दम पर कोविड संबंधी प्रोटोकॉल के बारे में बात कर रहे हैं, जब पूरा देश ही सभी के लिये खुला हुआ है। जिस लिफ्ट में खिलाड़ी जाते हैं उसे आम आदमी भी इस्तेमाल करते हैं। अगर आप होटल के रेस्तरां में जाते हैं तो वह भी सभी के लिये खुला है। तो कैसी पाबंदियां। ऐसे में खतरा हर समय मंडरा रहा था।'


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