
जेसन रॉय
जेसन रॉय इंग्लैंड के बेटिंग में ऐसे बल्लेबाज हैं जो या तो बेहद कमजोर कड़ी साबित होते हैं या फिर वह बहुत ही आक्रामक है। फिलहाल जेसन रॉय गजब फॉर्म में दिखाई दिए और उन्होंने कुछ अच्छी पारियां इस सीरीज में खेली। उन्होंने पांच मैचों में 144 रन बनाए जिसमें उनका औसत 29 का रहा जबकि स्ट्राइक रेट 132.11 रहा। अपने करियर में जेसन रॉय ने 43 T20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और 1034 रन बनाए हैं जबकि उनका स्ट्राइक रेट 142.22 का रहा है। हालांकि वे चाहेंगे कि उनका औसत 24 दिसंबर से आगे बढ़कर 30 के आसपास तक पहुंच जाए क्योंकि वे इससे कहीं अधिक बेहतर बल्लेबाज है। जेसन रॉय मौजूदा सीरीज में पांचों गेम खेले और तीन मैचों में 40 से ऊपर रन बनाए जो यह दिखाता है कि वह इस प्रतियोगिता में निरंतर रहे। हालांकि वे भाग्यशाली नहीं थे जो अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके क्योंकि उनका उच्चतम स्कोर पहले मैच में आया जो कि 49 रन था।
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जोस बटलर
जोस बटलर इस सीरीज में अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे लेकिन उन्होंने कुछ बेहतरीन पारियां खेलने में कामयाबी हासिल की। वह इस फॉर्मेट के दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं और जब एक बार भी चल जाते हैं तो उनको को रोकना लगभग नामुमकिन होता है। साथ ही वे ऐसे बल्लेबाज हैं जो नंबर 1 से 6 तक कहीं पर भी बैटिंग कर सकते हैं। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अभी तक 79 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और उनका स्ट्राइक रेट 141 का रहा है। इस सीरीज में उन्होंने 172 रन बनाए उनका 147 के स्ट्राइक रेट के साथ 43 का औसत निकाला।

विराट कोहली
विराट कोहली ने इस सीरीज में पांच मैचों में 115.5 के अविश्वसनीय औसत के साथ रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 137.13 रहा और उन्होंने अंतिम तीन मैचों में नाबाद अर्धशतकीय पारियां खेली। उन्होंने बैटिंग के दौरान दिखाया कि वह कहीं पर भी फिट हो सकते हैं चाहे वे ओपनिंग हो या फिर नंबर तीन हो या फिर नंबर चार पर भी बैटिंग करते हुए कमाल कर सकते हैं। अपने करियर में विराट कोहली ने 90 T20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और 139 के स्ट्राइक रेट से 3159 रन बनाए हैं जिसमें उनका औसत 52.5 रहा है। दूसरे मैच में उन्होंने 49 गेंदों पर 73 रनों की नाबाद पारी खेली थी जिसकी वजह से भारत जीता था और उन्होंने ही तय किया था कि ऋषभ पंत को भी आजादी के साथ खेलने की छूट दी जाए। हालांकि उसके बाद उन्होंने 46 गेंदों पर 77 रन की पारी खेली लेकिन भारत हार गया और यह अंतिम मैच में खेली गई उनकी पारी थी जिसने भारत को 224 रनों का पहाड़ सा लक्ष्य बनाने में मदद की थी।

सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार यादव को स्काई भी कहा जाता है और वह ऐसे बल्लेबाज हैं जिनको भारत T20 वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखने लगा है। वे भारत में मिस्टर 360 के नाम से चर्चित है। मुंबई इंडियंस का यह तेज तरार बल्लेबाज इस सीरीज में छाया रहा उन्होंने तीन मैच खेले और 185.41 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट के साथ 89 रन बनाए जिसमें उनका औसत 44.5 का रहा। उन्होंने दूसरे मैच में ईशान किशन के साथ डेब्यू किया था लेकिन उनकी बैटिंग नहीं आई और उसके बाद तीसरे मैच में उनको ड्रॉप कर दिया गया। हालांकि बाद में उनको अंतिम दो मैचों के लिए वापस लाया गया जिसमें उन्होंने 32 गेंदों में 57 रनों की पारी खेली जोकि बहुत जबरदस्त थी। उन्होंने अंतिम मैच में भी शानदार बैटिंग की।

श्रेयस अय्यर
सीरीज के शुरू होने से पहले श्रेयस अय्यर की जगह थोड़ी शक के दायरे में थी क्योंकि उन्होंने आस्ट्रेलिया में कुछ खास नहीं किया था और सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन जैसे खिलाड़ी टीम में दस्तक दे रहे थे। हालांकि उन्होंने अपने आलोचकों को गलत साबित कर दिया और कम से कम अगली सीरीज तक के लिए तो अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने सभी पांच मैच खेले और चार पारियों में 40.33 की औसत से 121 रन बनाए। आईपीएल के दौरान और आस्ट्रेलिया के दौरान भी उनका स्ट्राइक रेट एक समस्या रहा है। उन्होंने 29 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 550 रन बनाए हैं जिसमें उनका औसत 28.9 जा रहा है जबकि स्ट्राइक रेट 135 रहा है। उन्होंने दूसरे मैच में विनिंग पारी खेली औरचौथे मैच में 15 गेंदों पर ही 37 रन बना दिए और अपनी टीम का स्कोर 185 तक पहुंचा दिया। मुंबई के इस बल्लेबाज को अभी और भी पारियां खेलने की जरूरत होगी ताकि वह वर्ल्ड कप में टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बन सके।
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हार्दिक पांड्या-
यह दुनिया की 2 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच ही एक भिड़ंत नहीं थी बल्कि दुनिया के दो श्रेष्ठ ऑलराउंडरों के बीच भी एक टक्कर थी। हम यह बात कर रहे हैं इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और भारत के तेज तर्रार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की। और इस बार लगता है कि हार्दिक पंड्या ने छोटे फॉर्मेट में बाजी मारी है। हार्दिक पंड्या ने केवल 3 ही विकेट चटकाए लेकिन उनकी इकोनामी रेट 6.94 रही जोकि भारत के लिए बहुत ही राहत की बात है। इसके अलावा बैटिंग में भी हार्दिक बहुत ही धुआंधार थे और उन्होंने 140 से ऊपर के स्ट्राइक रेट के साथ 86 रन सीरीज में बनाए और अंतिम मैच में 17 गेंदों पर नाबाद 39 रनों की पारी खेली। वे लगातार बोलिंग करते रहे और कई मैचों में उन्होंने 4 ओवर फेंके जो यह बताता कि हार्दिक पंड्या छोटे प्रारूप में लगातार मैच में बने रहते हैं।

वाशिंगटन सुंदर
वाशिंगटन सुंदर पिछले कुछ समय से अपनी बढ़िया फॉर्म को बरकरार रखते हुए प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बने हुए हैं और उम्मीद है कि जब रविंद्र जडेजा वापस आएंगे तो भी वाशिंगटन सुंदर के लिए टीम में कोई ना कोई जगह मौजूद रहेगी। युजवेंद्र चहल की खराब फॉर्म को देखते हुए वाशिंगटन सुंदर और भी बेहतर विकल्प दिखाई देते हैं। वाशिंगटन सुंदर ने 5 मैचों में 4 विकेट चटकाए जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 23.2 रहा और इकोनामी रेट 8.9 रहा। लेकिन सच यह है कि उनका इकोनामी रेट सीरीज में उनकी बॉलिंग को सही तरह से जस्टिफाई नहीं करता है क्योंकि वह चौथे मैच में 52 रन दे चुके थे जिसका असर उनके ओवरऑल आंकड़ों पर पड़ा है। उन्होंने 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिसमें 25 विकेट चटकाए हैं जबकि उनका स्ट्राइक रेट 24.8 रहा है और इकोनामी रेट 7.24 रहा है। 21 साल के इस लड़के ने दूसरे मैच में 29 रन देकर दो विकेट लिए जिस कारण इंग्लैंड की टीम 164 रन ही बना सकी जो कि भारत ने आसानी से चेज भी कर लिए। 35 मैचों में खेले गए तीन मुकाबलों में उनका इकोनामी रेट 7.5 का रहा है जो कि बताता है कि गेंदबाजी करते हुए वह बल्लेबाजों पर उचित कंट्रोल बनाए रखते हैं।

जोफ्रा आर्चर
जब आप तेज गेंदबाजी की बात करते हैं टी-20 क्रिकेट में जोफ्रा सर्वश्रेष्ठ लगते हैं। जोफ्रा आर्चर सीरीज में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज है। इंग्लैंड के इस गेंदबाज ने 5 मैचों में 7.75 के इकोनामी रेट के साथ 7 विकेट चटकाए और वह हर 17.1 गेंदों पर विकेट ले रहे थे। जोफ्रा आर्चर बहुत ही शानदार रहे हैं और अभी तक उन्होंने 12 मैचों में 14 विकेट लिए हैं जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 20.1 रहा है। उनकी इकोनामी 7.89 की रही है और यह बहुत ही अच्छी इकोनामी रेट है जो पावरप्ले के साथ अंतिम ओवरों में भी गेंदबाजी करने के लिए आते हैं। जोफ्रा आर्चर ने पहले T20 इंटरनेशनल में मैन ऑफ द मैच जीता था जब उन्होंने भारतीय बैटिंग को परेशान किया था और 30 रन देकर तीन विकेट लिए थे। चौथे मैच में भी 33 रन देकर चार विकेट लिए लेकिन दुर्भाग्य से यह इंग्लैंड हार गया था क्योंकि भारत मुकाबला जीत गया था।

मार्क वुड-
जब तेज गेंदबाजी की बात करते हैं तो जोफ्रा आर्चर से भी खतरनाक इस सीरीज में मार्क वुड दिखाई दिए हैं। मार्क के पास जोफ्रा आर्चर की तरह सटीक लाइन लेंथ नहीं है लेकिन उनके पास सबसे तेज गति है। मार्क ने चार मैचों में 5 विकेट चटकाए जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 19.2 रहा जबकि उनका इकोनामी रेट 8.06 रहा। आपको बता दें इस सीरीज में भाग लेने से पहले उन्होंने केवल 11 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले थे। अब वह अपने T20 करियर के 15 मैचों में 23 विकेट ले चुके हैं जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 14.4 है लेकिन उनका इकोनामी रेट थोड़ा ज्यादा है जो कि 8.81 का है। भारत के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई सीरीज के तीसरे मैच में उन्होंने 31 रन देकर तीन विकेट लिए जो कि काफी अच्छे हैं। रोहित शर्मा और केएल राहुल का पावरप्ले में लिया गया विकेट अहम था। उन्होंने वहीं पर ही एक तरीके से मैच को भारत के लिए खत्म कर दिया था। पहले मैच में भी उन्होंने20 रन देकर एक विकेट लिए थे और भारत को छोटे स्कोर पर समेटने में अहम भूमिका निभाई थी

भुवनेश्वर कुमार
तेज गेंदबाजी में भारत के पेसर के तौर पर भुवनेश्वर कुमार की एंट्री है। कुमार लंबे समय बाद भारतीय टीम में खेलने आए और शानदार फॉर्म में दिखाई दिए। अंग्रेज बल्लेबाज उनको पढ़ने में काफी संघर्ष करते रहे। उन्होंने इस सीरीज में 27 के स्ट्राइक रेट के साथ चार विकेट लिए जबकि उन्होंने पांच मैच खेले जिनमें उनका इकोनामी रेट केवल 6.38 रहा। भुवनेश्वर ने अपने करियर में 48 मैच खेले हैं जिसमें उनके नाम 45 विकेट रहे हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 5 मैचों में कभी भी 30 से ज्यादा रन नहीं किए और भारत की 3 जीतों में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है जिन तीन मैचों में भारत जीता है उसमें भुवनेश्वर कुमार ने 30 रन देकर दो विकेट, 28 रन देकर 1 विकेट और 15 रन देकर 2 विकेट लिए। भारत उम्मीद करेगा कि वह इस फॉर्म के साथ आईपीएल में जाएं और बाद में टी-20 वर्ल्ड कप में एक निर्णायक भूमिका अदा करें।

शार्दुल ठाकुर-
हम शार्दुल ठाकुर को गाबा में किए उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए जानते हैं लेकिन इस बार यह शार्दुल ठाकुर का फेवरेट फॉर्मेट है जो कि T20 है और इसमें भी उन्होंने ऐसी परफॉर्मेंस दी है जो उनको प्लेइंग इलेवन में जगह दिलाती है। शार्दुल ठाकुर ने पांचों मैच श्रंखला में खेले क्योंकि जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और नटराज जैसे खिलाड़ी मौजूद नहीं थे। शार्दुल ठाकुर ने 13 के स्ट्राइक रेट के साथ 8 विकेट चटकाए और वह श्रंखला के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं लेकिन उनको अपनी इकोनामी रेट पर ध्यान देने की जरूरत है जो कि 9.69 की है। शार्दुल ठाकुर ने अपने 22 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 21 विकेट लिए हैं जो कि काफी अच्छे हैं लेकिन हम एक बार फिर से कहेंगे कि उनका इकोनामी रेट 9.11 है और इस पर थोड़ी चिंता करने की जरूरत होनी चाहिए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई सीरीज के दूसरे मैच में 29 रन देकर दो विकेट लिए और भारत को पहला मैच जिताने में सहायता दी इसके अलावा उन्होंने चौथे मैच में 42 रन देकर तीन विकेट लिए। भारत ने मैच जीता और सीरीज को टाई किया था। शार्दुल ठाकुर ने अंतिम मुकाबले में भी 45 रन देकर तीन विकेट लिए थे जो कि काफी अहम साबित हुए। ठाकुर ने पूरी सीरीज के दौरान दिखाया है कि वह गेंदबाजी करते हुए हर तरह की विविधता को रखते हैं।


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