
रॉबिन्सन-एंडरसन का खेलना बेहद जरूरी
टाइम्स नाउ के साथ बात करते हुए जो रूट ने कहा,'इन दोनों खिलाड़ियों की रिकवरी के लिये यह दो दिन काफी अहम साबित होने वाले हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वो आखिरी टेस्ट मैच खेल पाने की हालत में हों। मुझे लगता है कि आपको एक चीज का ध्यान देना जरूरी है कि मेडिकल टीम से मिली सलाह का पालन अच्छे से करना है। मेडिकल टीम से बात करके इसके पीछे के कारणों को प्रक्रिया को समझना जरूरी है तो वहीं पर खिलाड़ियों से बात कर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनके शरीर को किस चीज की दरकार है, क्योंकि अंत में उनके शरीर के बारे में उनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता है।'

खिलाड़ियों के हितों का ध्यान रखना जरूरी
जो रूट ने आगे कहा कि वो नहीं चाहेंगे कि वो खिलाड़ी जिस पर चोट का खतरा मंडरा रहा हो उसे टीम में खिलाया जाये। टीम वो करना चाहेगी जो सभी खिलाड़ियों के निजी और एक टीम के रूप में सभी के लिये बेहतर साबित हो।
उन्होंने कहा,'आप कभी भी एक ऐसे टेस्ट मैच में नहीं उतरना चाहेंगे जिसमें आपका कोई खिलाड़ी चोट के संकट से जूझ रहा हो। आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपके खिलाड़ी के लिये सर्वश्रेष्ठ चीज कर सकें, लेकिन आप यह भी नहीं चाहेंगे कि जीत के चक्कर में किसी को इस कदर पुश किया जाये कि वो चोटिल हो जाये, क्योंकि ऐसा होता है तो आपको ही एक बल्लेबाज या गेंदबाज का नुकसान होता है।'

आखिरी टेस्ट पर रद्द होने का खतरा
गौरतलब है कि मैनचेस्टर के मैदान पर खेले जाने वाले टेस्ट मैच के आयोजन पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। गुरुवार को भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्टिंग स्टाफ में एक और सदस्य के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद सभी भारतीय खिलाड़ियों को होटल में ही रहने का आदेश दिया गया है और कोरोना टेस्ट कराया है, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
आपको बता दें कि अगर टेस्ट के नतीजों में कोई भारतीय खिलाड़ी कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार पाया जाता है तो मैच को रद्द कर दिया जायेगा और सीरीज को पूरा नहीं माना जायेगा। ऐसे में बचे हुए आखिरी टेस्ट मैच का आयोजन अगले साल किया जा सकता है जब भारतीय टीम को सीमित ओवर्स प्रारूप की सीरीज खेलने के लिये इंग्लैंड का दौरा करने जाना है।


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