
IPL के दौरान नहीं होगा खिलाड़ियों का वैक्सिनेशन
बीसीसीआई की ओर से जारी की गई एसओपी के अनुसार आईपीएल के 14वें सीजन खिलाड़ियों, स्टाफ मेंबर्स और जुड़े सहायक कोचिंग स्टाफ का कोरोना वैक्सिनेशन नहीं किया जायेगा। ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी या फ्रैंचाइजी से जुड़ा कोई व्यक्ति कोरोना वायरस का शिकार होता है तो उसे कम से कम 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा और दोबारा कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट में नेगेटिव आने और बाकी की औपचारिकताओं के बाद ही बायो बबल में प्रवेश दिया जायेगा। हालांकि बोर्ड ने यह साफ किया है कि अगर कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट में एंट्री से पहले वैक्सिनेशन करवा लेता है तो उसे क्वारंटीन में रहते हुए टेस्टिंग प्रोसेस से गुजरना होगा।

बबल इंटेग्रिटी मैनेजर करेंगे बायोबबल की निगरानी
बीसीसीआई ने इस प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी बबल इंटेग्रिटी मैनेजर्स को दी है जो इस बात का ध्यान रखेंगे कि प्रोटोकॉल्स का कड़ाई से पालन हो रहा है, साथ ही अगर किसी तरह के उल्लंघन की जानकारी मिलती है तो वो इसकी जानकारी बोर्ड के उच्चाधिकारियों को तुरंत देंगे। बीसीसीआई इन एसओपी को आईपीएल 2021 की हेल्ड एंड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के नाम से रिलीज किया है। इसके तहत आईपीएल में कुल 12 बायोबबल का निर्माण किया जायेगा, जिसमें 8 टीमें, 2 मैच अधिकारी, 2 मैनेजिंग टीम और 2 ब्रॉडकास्ट कॉमेंटेटर क्रू की टीमें शामिल होंगी।

प्रवेश से पहले 7 दिन का क्वारंटीन है जरूरी
बीसीसीआई की ओर से जारी की गाइडलांइस के अनुसार किसी भी खिलाड़ी को बायोबबल में प्रवेश से पहले 7 दिन तक अनिवार्य क्वारंटीन में रहना होगा और इस दौरान टेस्ट रिपोर्ट में नेगेटिव आने के बाद ही प्रवेश दिया जायेगा। वहीं बीसीसीआई ने भारत और इंग्लैंड के बीच जारी द्विपक्षीय श्रृंखला में शामिल खिलाड़ियों को इस नियम से छूट दी गई है और वो सीधे अपनी-अपनी फ्रैंचाइजी के बायोबबल में जुड़ सकते हैं। बीसीसीआई का मानना है कि यह खिलाड़ी पहले से ही बायोबबल में रह रहे हैं ऐसे में उन्हें बिना क्वारंटीन से गुजरे फ्रैंचाइजी के बायोबबल में प्रवेश दिया जा सकता है।


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