
हुआ कुछ यूंः
एशिया कप 2018 से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करने वाले 20 वर्षीय खलील अहमद ने 'द टाइम्स ऑफ इंडिया.कॉम' को दिए इंटरव्यू में ये खुलासा किया है कि आखिर खिताबी जीत के बाद उन्हें ट्रॉफी क्यों थमाई गई थी। उन्होंने बताया कि दरअसल ये फैसला दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी का था। उन्होंने ही रोहित शर्मा से कहा था कि वो ट्रॉफी खलील को उठाने दें।

इसलिए धोनी ने किया ये फैसलाः
खलील ने बताया, 'धोनी भाई ने रोहित शर्मा से मंच पर मुझे ट्रॉफी देने के लिए कहा। उन्होंने मुझे ट्रॉफी दी क्योंकि मैं टीम का सबसे युवा सदस्य था और ये मेरी पहले सीरीज थी। ये मेरे लिए यादगार अनुभव था। जब धोनी भाई और रोहित ने मुझे ट्रॉफी उठाने के लिए कहा तो मेरे पास शब्द नहीं थे। मैं भावुक हो गया था और उस पल को कभी नहीं भूलूंगा।

अक्सर युवाओं का हौसला बढ़ाते हैं धोनीः
धोनी की सबसे खास बात यही है कि वो अक्सर युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें लगातार प्रोत्साहित करते हैं। बता दें कि खलील ने हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ अपने करियर का आगाज किया था और खलील भारत के लिए वनडे खेलने वाले 222वें खिलाड़ी हैं। अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने 3 विकेट झटके थे, जबकि अफगानिस्तान के खिलाफ 1 विकेट झटका था।


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