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साल 2019 के वो 7 यादगार पल जिनसे बदल जायेगा क्रिकेट का भविष्य

नई दिल्ली। क्रिकेट के लिहाज से अपने अंतिम पड़ाव पर खड़े साल 2019 में काफी कुछ देखने को मिला। जहां इंग्लैंड एंड वेल्स में आयोजित हुए आईसीसी विश्व कप टूर्नामेंट में इस साल क्रिकेट की दुनिया में नया विश्व चैम्पियन देखने को मिला तो वहीं दुनिया के सबसे मजबूत क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई को 21 महीने के इंतजार के बाद नया अध्यक्ष मिला। डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने वाली टीमों में जहां भारतीय टीम का नाम भी शुमार हो गया वहीं क्रिकेट के हर प्रारूप में भारतीय बल्लेबाजों ने अपना लोहा मनवाया। 140 साल के क्रिकेट इतिहास में पहली बार एक ऐसा साल देखने को मिला जिसमें तीनों प्रारूप में हैट्रिक चटकाई गई, और कुल 9 हैट्रिक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में देखने को मिली।

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बल्लेबाजी में विराट कोहली और रोहित शर्मा के बल्ले ने एक बार फिर से रनों की बरसात की तो विश्व कप के इतिहास का सबसे रोमांचक फाइनल मैच देखने को मिला।

ऐसे में हर क्रिकेट फैन साल 2019 को अलविदा कहने से पहले एक बार फिर उन बेहतरीन लम्हों को जीना चाहता है। आइये एक नजर डालते हैं साल 2019 के यादगार पलों को जो कि क्रिकेट का भविष्य बदल सकती हैं:

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70 साल में पहली बार कंगारुओं को घर में धूल चटाने वाला एशियाई देश बना भारत

70 साल में पहली बार कंगारुओं को घर में धूल चटाने वाला एशियाई देश बना भारत

साल 2019 की शुरुआत भारत ने ऐतिहासिक जीत के साथ की। विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने करीब 7 दशक बाद ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में धूल चटाते हुए टेस्ट सीरीज को अपने नाम किया और ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर सीरीज जीतने वाली पहली एशियाई टीम बनी। भारत ने 4 मैचों की इस टेस्ट सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया।

हैट्रिक ईयर बना साल 2019, भारतीय गेंदबाज रहे सबसे आगे

हैट्रिक ईयर बना साल 2019, भारतीय गेंदबाज रहे सबसे आगे

साल 2019 को कई मामलों के लिये याद किया जायेगा उसमें से एक है सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले गेंदबाजों के लिये। इस साल क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में 9 बार गेंदबाजों ने हैट्रिक लेने का कारनामा किया। साल 2019 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट प्रारूप में 1, वनडे में 3 और टी20 में 5 हैट्रिक चटकाई गई।

हैट्रिक चटकाने के मामले में इस साल भारतीय गेंदबाजों का बोलबाला रहा, 9 में से 4 हैट्रिक भारतीय गेंदबाजों ने हासिल की और पहला ऐसा देश बन गया जिसके गेंदबाजों ने एक कैलेंडर ईयर में तीनों प्रारूप में हैट्रिक लेने का कारनामा किया।

भारत के लिये जसप्रीत बुमराह (बनाम वेस्टइंडीज, टेस्ट), मोहम्मद शमी (बनाम अफगानिस्तान, विश्व कप, ODI), कुलदीप यादव (बनाम वेस्टइंडीज, ODI) और दीपक चाहर (बनाम बांग्लादेश, टी20) ने हैट्रिक लेने का कारनामा किया।

वहीं अन्य गेंदबाजों में श्रीलंका के लसिथ मलिंगा (बनाम, न्यूजीलैंड), पाकिस्तान के मोहम्मद हसनैन (बनाम श्रीलंका), ओमान के खावर अली (बनाम नीदरलैंडस), न्यू पापुआ गिनी के एन वनुआ (बनाम बरमूडा) और न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट (बनाम ऑस्ट्रेलिया, विश्व कप) शामिल रहे।

21 महीने बाद बीसीसीआई को मिला नया अध्यक्ष

21 महीने बाद बीसीसीआई को मिला नया अध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त की गई प्रशासकों की समिति ने अपने 21 महीने का कार्यकाल इसी साल खत्म किया जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को नये अध्यक्ष के रूप में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का साथ मिला। वह बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष बने।

सौरव गांगुली ने पदभार लेते ही भारत को एक बार फिर क्रिकेट में मजबूत कर आगे बढ़ाने का प्रयास किया और बांग्लादेश के खिलाफ पहले डे-नाइट टेस्ट का आयोजन कराया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुपर सीरीज का फॉर्म्यूला दिया ताकि आईसीसी के इतर बिग थ्री नेशन्स को फायदा हो सके। वह लगातार क्रिकेट में नये बदलाव करने को तत्पर हैं ऐसे में अगला साल भारतीय क्रिकेट में कई बदलाव ला सकता है।

टेस्ट क्रिकेट में भी सलामी बल्लेबाज बने रोहित शर्मा

टेस्ट क्रिकेट में भी सलामी बल्लेबाज बने रोहित शर्मा

भारत के लिये टेस्ट क्रिकेट में पिछले काफी समय से जारी सलामी बल्लेबाजी की समस्या का भी हल इस साल मिल गया। सीमित ओवर्स के प्रारूप में भारत के लिये सलामी बल्लेबाजी करने वाले रोहित शर्मा ने इस साल टेस्ट क्रिकेट में भी बतौर सलामी बल्लेबाज पारी का आगाज किया और लगातार रन बनाये। वहीं दूसरे छोर पर मयंक अग्रवाल ने भी उनका भरपूर साथ दिया।

ऐसे में अगर आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत को अपना दबदबा बरकरार रखना है तो इस जोड़ी से भारतीय टीम को आगे भी काफी उम्मीदें रहेंगी।

टीम मैनेजमेंट चाहेगी की न्यूजीलैंड दौरे पर भी यह जोड़ी भारत के लिये रन बनाये और अब तक अजेय रहने के क्रम को बरकरार रखे।

डेविड वॉर्नर-स्टीव स्मिथ की जबरदस्त वापसी

डेविड वॉर्नर-स्टीव स्मिथ की जबरदस्त वापसी

ऑस्ट्रेलिया के लिहाज से भी यह साल काफी शानदार रहा। बॉल टैंपरिंग मामले में बैन झेल रहे डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ ने बैन के बाद वापसी की। जहां डेविड वॉर्नर ने एशेज को छोड़ साल भर हर टूर्नामेंट में रन बनाये वहीं स्टीव स्मिथ ने एशेज में रनों की बरसात की और इस फॉर्म को जारी रखा। इन खिलाड़ियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहले श्रीलंका फिर पाकिस्तान को क्लीन स्वीप किया और अब न्यूजीलैंड की टीम भी उसी मुहाने पर खड़ी है।

ऐसे में अगर यह दोनों ऐसे ही प्रदर्शन करते रहे तो आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत को कड़ा मुकाबला मिलने वाला है।

क्रिकेट में उभरकर आई मानसिक स्वास्थ्य की समस्या

क्रिकेट में उभरकर आई मानसिक स्वास्थ्य की समस्या

साल 2019 में पहली बार ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने मानसिक स्वास्थ्य की समस्या के बारे में बात करते हुये क्रिकेट से ब्रेक लिया, इसके बाद पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में मानसिक तनाव का मुद्दा उठा। मोंटी पानेसर समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने मानसिक तनाव के मुद्दे पर खुलकर बात की और हर तरफ इसे समर्थन मिला।

भारतीय खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर बात की, ऐसे में अगर खिलाड़ी इस समस्या को पहचान कर लेते हैं तो समय रहते इसका उपचार कर लिया जायेगा।

एक दशक बाद पाकिस्तान में लौटा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट

एक दशक बाद पाकिस्तान में लौटा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट

साल 2009 में पाकिस्तान दौरे पर पहुंची श्रीलंकाई टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट की वापसी हुई। हालांकि 2 मैचों की इस टेस्ट सीरीज को पाकिस्तान ने 1-0 से जीत लिया। अब पाकिस्तान दूसरे देशों को अपनी मेजबानी में क्रिकेट खेलने के लिये राजी करने में लगा हुआ है। इसको लेकर पीसीबी ने न्यूट्रल वेन्यू पर क्रिकेट से इंकार कर दिया है। लेकिन देखना होगा कि श्रीलंका के बाद दूसरा कौन सा देश उनकी मेजबानी में क्रिकेट खेलने को राजी होता है।

भारत में बने स्थायी टेस्ट क्रिकेट सेंटर

भारत में बने स्थायी टेस्ट क्रिकेट सेंटर

भारत के लिये पहले पिंक बॉल टेस्ट में ऐतिहासिक शतक लगाने वाले कप्तान विराट कोहली का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिये भारत में स्थायी टेस्ट क्रिकेट सेंटर बनाने चाहिये। विराट कोहली ने देश भर में 5 टेस्ट सेंटर बनाने का सुझाव दिया। ऐसे में अगर बीसीसीआई इस सुझाव को मान लेती है तो हो सकता है कि आने वाले सालों में हमें सिर्फ कुछ राज्यों में टेस्ट क्रिकेट देखने को मिले।

Story first published: Tuesday, December 31, 2019, 17:29 [IST]
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