टोक्यो: भारतीय एथलीटों ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में सात पदक जीते। यह इतिहास में सबसे अधिक पदकों की संख्या थी। लेकिन इसी तरह टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में भारतीय पैरा एथलीटों ने काफी कुछ किया है। भारत ने 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक सहित 19 पदक जीते हैं। यह इतिहास में भारत की सर्वोच्च पदक तालिका है।
24 अगस्त 2021 से शुरू हुए पैरालंपिक खेलों का आज (5 सितंबर) आखिरी दिन है। भारत के सभी खेल खत्म हो चुके हैं और भारत शुरू से ही टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। आज आखिरी दिन भारत ने बैडमिंटन में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। तो आइए देखते हैं किस भारतीय खिलाड़ी ने जीता कौन सा मेडल जीता-
भारत का गोल्डन पंच
भारतीय एथलीटों ने इस साल पैरालिंपिक में एक, दो या पांच स्वर्ण पदक जीते हैं। यह भारत के पैरालंपिक इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसमें भारत ने बैडमिंटन में दो स्वर्ण पदक जीते। जिसमें प्रमोद भगत और कृष्णा नागर ने स्वर्ण पदक जीते। भारत ने निशानेबाजी में भी दो स्वर्ण पदक जीते। जिसमें अवनि लेखरा ने मनीष नरवाल के साथ मिलकर गोल्ड मेडल जीता। सुमित अंतिल ने भाला फेंक में नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर पांचवां स्वर्ण पदक जीता।
8 रजत पदक जीतकर भारत का रजत पदक
भारत ने स्वर्ण पदक के बाद 8 रजत पदक भी जीते। इसमें निशानेबाज सिंहराज अधाना ने पी4 मिश्रित 50 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत, योगेश कथूनिया ने चक्का फेंक में, निषाद कुमार ने टी-47 ऊंची कूद में और प्रवीण कुमार ने टी-44 में रजत पदक जीता। मरियप्पन थंगावेलु, जिन्होंने इससे पहले ऊंची कूद टी-63 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, ने इस साल रजत पदक जीता। इसके अलावा देवेंद्र झजड़िया ने भाला फेंक में रजत, बैडमिंटन में सुहास यतिराज ने रजत और टेबल टेनिस में भावना पटेल ने रजत पदक जीता।
जीते छह कांस्य पदक
मनोज सरकार ने भारतीय बैडमिंटन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए SL3 श्रेणी में कांस्य पदक भी जीता। साथ ही, स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। सिंहराज अधाना ने 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में रजत पदक के साथ कांस्य पदक भी जीता। तीरंदाजी में हरविंदर सिंह ने भारत को पहला कांस्य पदक भी दिलाया। इसके अलावा भाला फेंक में सुंदर सिंह गुर्जर और शरद कुमार ने एक-एक कांस्य पदक हासिल किया।
तो दूसरी ओर शूटिंग से दो मेडल आ गए हैं जिनमें मनीष नरवाल ने एक गोल्ड जीता है. इसी इवेंट में सिल्वर भी भारत के सिंहराज अदाना को मिला है. ये मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच 1 शूटिंग फाइनल प्रतियोगिता थी.
टोक्यो पैरालंपिक में भारत के लिए 4 सितंबर का दिन शानदार रहा जब उसके दो पैरा शटलर प्रमोद भगत और सुहास यतिराज फाइनल में पहुंच गए.
यह पैरालंपिक 2020 में उनका दूसरा मेडल है।
पैरालांपिक में अवनि ने दी भारत को दोहरी खुशी, गोल्ड के बाद जीता ब्रॉन्ज मेडल
प्रवीण अपनी कैटेगरी में दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स FAZZA ग्रां प्री 2021, दुबई में एक एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक भी जीता था।
प्रवीण कुमार 18 साल की उम्र में भारत के लिए सबसे कम उम्र के पैरालंपिक बन गए।
पैरालंपिक खेलों में भारत के लिए 11वां पदक प्रवीण कुमार ने जीता है। यह सिल्वर मेडल है जो प्रवीण को टी64 कैटेगरी ऊंची कूद में मिला है। इस इवेंट में प्रवीण ने 2.07मीटर की जंप करके नया एशियन रिकॉर्ड भी स्थापित किया है।
पलक कोहली और कृष्णा नागर ने सिंगल्स बैडमिंटन में सीधे गेम में जीत दर्ज की तो अरुणा ताइक्वांडो क्वार्टरफाइनल से बाहर हो गईं
टोक्यो पैरालिंपिक, 2 सितंबर अपडेट: राहुल झाकर 25 मीटर पिस्टल फाइनल में पहुंचे गए हैं, कुछ ही देर बार उनका मेडल इवेंट शुरू हो जाएगा.
टोक्यो पैरालिंपिक में शूटिंग से भारत का यह दूसरा पदक था। इससे पहले अवनि लेखारा ने सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग (SH1) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
भारतीय निशानेबाज सिंहराज अधाना ने मंगलवार को टोक्यो पैरालिंपिक में पुरुषों की P1- 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 फाइनल में कांस्य पदक जीत लिया है। इस इवेंट में भारत के एक अन्य शूटर मनीष नरवाल सातवें स्थान पर रहे।
Exceptional performance by Singhraj Adhana! India’s talented shooter brings home the coveted Bronze Medal. He has worked tremendously hard and achieved remarkable successes. Congratulations to him and best wishes for the endeavours ahead. #Paralympics #Praise4Para pic.twitter.com/l49vgiJ9Ax
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2021
भारत के सिंहराज अधाना ने मंगलवार को टोक्यो पैरालिंपिक के फाइनल में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल (SH1) स्पर्धा में कुल 216.8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
एथलेटिक्स में भारत का एक और मेडल मैच भाग्यश्री माधवराव खेल रहीं थी जो शॉट पुट एफ34 फाइनल में 7वें स्थान पर रहीं। उन्होंने सराहनीय प्रदर्शन किया और टोक्यो 2020 में अपनी बेस्ट परफॉरमेंस दी जहां उन्होंने 7मीटर का आंकड़ा दर्ज किया।
भारत की टोक्यो पैरालंपिक की पहली मेडलिस्ट भविनाबेन पटेल का एक्शन फिर से दिखाई दिया जब उन्होंने महिला डबल्स में सोनल पटेल के साथ जोड़ी बनाई। उन्होंने क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया और महिला टीम में चीन की यिंग झोउ और बियान झांग के खिलाफ हार देखी। इस जोड़ी को 2-11, 4-11, 2-11 से हार का सामना करना पड़ा।
अनुभवी आर्चर राकेश कुमार ने अंतिम 8 एलिमिनेशन राउंड में मारिया मेरेचेक को 140-137 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। राकेश ने आगे क्वार्टरफाइनल में भी अच्छा प्रदर्शन किया और अपने चाइनीज प्रतिद्वंदी से लड़ते हुए 143-145 से मैच हारे।
टोक्यो पैरालंपिक में भारत के लिए आज यानी 31 अगस्त की सुबह बहुत खास नहीं रही। शूटिंग में रुबिना फ्रांसिस ने 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता के क्वालिफाई राउंड में अच्छा प्रदर्शन करके 7वां स्थान बनाया लेकिन वे फाइनल में पदक से चूक गईं। दूसरी और एथलेटिक्स की 100मीटर रेस में सिमरन ने टी13 राउंड 1 हीट 2 में 5वां स्थान हासिल किया।
Tokyo 2020: 5 प्रयास में तीन बार तोड़ा विश्व रिकॉर्ड, पैरालंपिक्स में सुमित ने भारत को दिलाया दूसरा गोल्ड
वहीं पर सुमित के रिकॉर्ड ब्रेकिंग प्रदर्शन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बधाई भरा ट्वीट कर उनके प्रदर्शन की सराहना की है।
Sumit Antil's historic performance in javelin throw at the #Paralympics is a moment of great pride for the country. Congratulations on winning the gold and setting a new world record. Every Indian is elated to hear the national anthem at the podium. You're a true champion!
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 30, 2021
सुमित की ऐतिहासिक जीत पर पीएम नरेंद्र मोदी ट्वीट कर बधाई दी है।
Our athletes continue to shine at the #Paralympics! The nation is proud of Sumit Antil’s record-breaking performance in the Paralympics.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2021
Congratulations Sumit for winning the prestigious Gold medal. Wishing you all the best for the future.
सुमित ने भारत के लिये दूसरा गोल्ड जीत लिया है और वो 68.55 थ्रो के साथ पहले पायदान पर रहे।
सुमित ने तीसरी बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ने का काम किया है और अपने पांचवे प्रयास में 68.55 मी का थ्रो कर गोल्ड की दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।
भालाफेंक के पहले 4 प्रयास के बाद सुमित अंतिल का गोल्ड जीतना लगभग तय नजर आ रहा है लेकिन संदीप का पोडियम में वापसी करना बाकी है।
वहीं पर संदीप की बात करें तो उनका चौथा प्रयास अवैध करार दिया गया लेकिन वो अभी भी चौथे पायदान पर काबिज हैं और ब्रॉन्ज मेडल जीतने का दम रखते हैं।
सुमित अंतिल ने अपने चौथे प्रयास में 66.71 मीटर का थ्रो किया और अभी भी पहले पायदान पर बरकरार हैं।
सुमित और संदीप एफ64 भालाफेंक के फाइनल में खेल रहे हैं और भारत को यहां पर गोल्ड मिलना लगभग तय नजर आ रहा है और ब्रॉन्ज मेडल भी मिलता हुआ देखा जा सकता है।
वहीं संदीप चौधरी ने अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका है तीसरे प्रयास में 62.20 मी का थ्रो किया, हालांकि अब वो चौथे पायदान पर खिसक गये हैं।
सुमित अंतिल ने अपने तीसरे प्रयास में 65.27 मीटर का थ्रो किया है और अभी भी पहले पायदान पर बरकरार हैं।
Tokyo 2020: पैरालंपिक्स में भारत को लगा बड़ा झटका, विनोद कुमार से छिना ब्रॉन्ज मेडल
संदीप का दूसरा प्रयास अवैध करार दिया गया है, हालांकि वो अब भी तीसरे पायदान पर कब्जा जमाये हुए हैं।
सुमित अंटिल ने अपने दूसरे प्रयास में अपने पिछले विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है और 68.08 मीटर की दूरी तय कर पहला स्थान बरकरार रखा है।
भारत के संदीप चौधरी ने भी जबरदस्त शुरुआत की है और पहले प्रयास में 61.13 मीटर का थ्रो कर तीसरा पायदान हासिल किया।
पहलवान से भालाफेंक एथलीट बनें सुमित अंटिल ने अपने पहले प्रयास में ही विश्व रिकॉर्ड बना दिया है और 66.95 मीटर की दूरी तय की।
इसके चलते अब भारतीय टीम के पदकों की संख्या 7 से घटकर 6 हो गई है। भारत ने अब तक 1 गोल्ड 4 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है। भारत के लिये पैरालंपिक्स खेलों में 4 पदक का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा था जिसे उसने 2016 के रियो पैरालंपिक्स में हासिल किया था।
हालांकि भारत के लिये पैरालंपिक्स से बुरी खबर आई है, जिसके तहत भारत के विनोद कुमार जिन्होंने डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता था उन्हें अब प्रतिस्पर्धा की कैटेगरी के लायक न करार देते हुए डिस्क्वालिफाई कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत ने पैरालंपिक के इतिहास में अपने सबसे ज्यादा मेडल जीतने के रिकॉर्ड को तोोड़ दिया है और अभी वो इसे और भी आगे ले जा सकता है।
झाझरिया के पास अब 5 पैरालंपिक मेडल हैं, जिसमें 2 गोल्ड, दो सिल्वर व एक ब्राॅन्ज है। भारक के कुल पदकों की संख्या अब 7 हो चुकी है।
फिर योगेश ने डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद देवेंद्र झाझरिया व सुंदर ने मेडल जीता। देवेंद्र ने सिल्वर तो झाझरिया ने ब्राॅन्ज जीता।
भारत के लिए पहला गोल्ड निशानेबाजी में अवनि लेखरा ने दिलाया है।
सोमवार को भारत की शानदार शुरूआत रही है। भारतीय दल ने पदक जीतने की झड़ी लगा दी।
भारत के लिये सोमवार का दिन बेहद खास रहने वाला है जिसमें भारतीय टीम के पास एक से ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारत की ओर से 6 पैरा एथलीट भालाफेंक प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगे।
रविवार को भारत के लिये भवानी पटेल ने टेबल टेनिस के सिल्वर मेडल से शुरुआत की, जिसे निषाद कुमार ने हाई जंप में जारी रखा और विनोद कुमार ने ब्रॉन्ज के साथ खत्म किया।
भारत के लिये इससे बेहतर खेल दिवस नहीं हो सकता जिसमें पैरालंपिक्स में उसके खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 3 पदक दिलाने का कारनामा किया है।
डिस्कस थ्रो के F52 इवेंट में विनोद कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है और देश को एक ही दिन में तीसरा पदक मिल गया है।
डिस्कस थ्रो में विनोद कुमार ने अपना निजी बेस्ट और एशियन रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए 19.91 मीटर का थ्रो फेंका है और फिलहाल तीसरे पायदान पर काबिज हैं। टूर्नामेंट का आखिरी थ्रो फेंका जाना है जो अगर विनोद के थ्रो से पीछे रहता है तो भारत के खाते में ब्रॉन्ज मेडल आ जायेगा।
निषाद कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी47 इवेंट में 2.06 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक जीता
भारत के निषाद कुमार तीसरी बार 2.09 मीटर की दूरी तय करने में नाकाम रहे थे, लेकिन उनके खाते में सिल्वर मेडल आ चुका है जो दिन में भारत का दूसरा मेडल है. इससे पहले सुबह के समय भविना ने सिल्वर जीता था.
निषाद कुमार ने ऊंची कूद में जीता सिल्वर मेडल
पुरुषों के डिस्कस थ्रो F52 फाइनल में भी कमाल हो रहा है. विनोद कुमार ने 19.91 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा, वे इस समय स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर हैं.
भारत के निषाद कुमार 2.09 मीटर फिर से पार करने में विफल रहे। उसे पास करने का एक आखिरी मौका मिलेगा। वह अभी भी रजत पदक की दौड़ में है
भारत के निषाद कुमार ने एशियाई रिकॉर्ड तोड़ने के 2.06 मीटर की दूरी पूरी की. निषाद कुमार कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं.
पुरुषों ऊंची कूद T47 फाइनल: भारत के राम पाल 1.94 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ 5वें स्थान पर रहे।
दूसरी ओर पुरुषों के डिस्कस थ्रो F52 फाइनल में एथलीटों को अपने सभी छह प्रयासों को एक बार में पूरा करना होगा, और अंतिम स्टैंडिंग के लिए सबसे अच्छी दूरी दर्ज की जाएगी।
निषाद कुमार 2.02 मी. की कूद के साथ रैंकिंग में शीर्ष पर है.
भारत के राम पाल और निशाद कुमार इस समय लंबी कूद के फाइनल मुकाबले में खेल रहे हैं.
भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 34-37 से हरा दिया था लेकिन दूसरे सेट में 39-38 से जीत हासिल की जबकि तीसरा गेम टाई रहा और कुल स्कोर टर्की के पक्ष में 153-151 रहा.
भारत को आर्चरी में मिक्सड टीम मुकाबले में क्वार्टरफाइनल में हार का सामना करना पड़ा जब राकेश कुमार और ज्योति की जोड़ी टर्की से हार गई।
राकेश और ज्योति आर्चरी क्वार्टरफाइनल में हार गए हैं.
आर्चरी में ज्योति और राकेश की जीत, आज दोपहर 2:40 बजे तुर्की के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ये जोड़ी अभियान आगे बढ़ाएगी.
भाव विभोर करने वाला क्षण-
"भाव" विभोर 🇮🇳!
— ALL INDIA RADIO आकाशवाणी (@AkashvaniAIR) August 29, 2021
It's a SILVER for Bhavina Patel!#Paralympics #Praise4Para pic.twitter.com/Ndd7LQIQLf
भविना की यह उपलब्धि यादगार रही
A #Silver medal #IND will remember ❤️
— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 29, 2021
Bhavina Patel's incredible #Paralympics campaign ends with a podium finish as she loses out to #CHN's Zhou Ying 11-7, 11-5, 11-6 in her Class 4 #ParaTableTennis final! 🏆
Thank you for the moments 😃 pic.twitter.com/j8GcnHDtDL
तीसरा गेम भी समाप्त हुआ और भविना को इसमें 6-11 से हार मिली. इसके साथ ही चीनी की नंबर एक झाउ यिंग तो गोल्ड मेडल मिला है.
तीसरा गेम 5-5 से बराबरी पर है
गोल्ड मेडल भविना के हाथ से पूरी तरह फिसलता हुआ. उनको दूसरे गेम में भी हार मिली है. चीनी खिलाड़ी के बहुत तेज गति के प्रहार का भविना के पास फिलहाल कोई जवाब नहीं है.
दूसरे गेम में भी भविना काफी पीछे चल रही हैं. उन्होंने अपनी लड़ाई अभी जारी रखी है. 4-7 से मैच चल रहा है.
चीन के खाते में पहला गेम आया. भविना ने 7-11 से यह गंवाया
भाविना पटेल बनाम यिंग झोउ का मैच शुरू हो चुका है जहां पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है. फिलहाल भविना पहले गेम में 7-9 से पीछा कर रही हैं.
आज गोल्ड मेडल के लिए भविना पटेल का मैच है जो कुछ ही देर में शुरू होने जा रहा है. यह महिलाओं की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में क्लास 4 के तहत खेला जा रहा है.
पुरुषों की एफ-57 भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में रंजीत भाटी ने निराश किया। उन्होंने लगातार छह थ्रो फाउल किए।
अब राकेश अपना अगला मैच 31 अगस्त को खेलेंगे। जबकि, श्याम सुंदर स्वामी को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा।
तीरंदाज राकेश कुमार ने राउंड 16 में जीत दर्ज की। उन्होंने इस मुकाबले में हांगकांग के चुएन एंगाई को 144-131 के अंतर से हराया।
भविना देश की पहली पैरा पैडलर हैं जिन्होंने पैरालंपिक के फाइनल में पहुंचने का कारनामा किया है. वे पदक तो पक्का कर चुकी हैं लेकिन अब गोल्ड की भी पूरी उम्मीद है. उनमें गजब का आत्मविश्वास है और अब तक का सफर शानदार रहा है.