'सहवाग-लारा को हमेशा डरकर बॉलिंग की, सचिन तो मेरे सामने फिर भी कमजोर थे'

नई दिल्लीः श्रीलंका के महान गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन का बॉलिंग एक्शन इतना अजीबोगरीब था कि लोग यह मान लेते थे यह वैध नहीं है। जब आप मुरली को स्लो एक्शन में देखते हैं तो कई बार ऐसा भी लगता है कि मुरलीधरन जैसे थ्रो करके गेंद फेंकते हैं। हालांकि उनके पूरे एक्शन की एक लय में समीक्षा करें हैं तो हम पाते हैं कि मुरलीधरन की कोहनी बाकी गेंदबाजों की तुलना में थोड़ी स्पेशल साबित हुई, जिसकी वजह से वह ऐसा एक्शन निकाल कर भी वैध गेंदबाजी कर पाए।

पेचीदा एक्शन के बावजूद लीगल बॉल करने वाले मुरली को करियर भर अपनी इस खूबी का फायदा मिला। तो जाहिर है, इस ऑफ स्पिनर को खेलना बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए मुश्किल था जिनमें सचिन तेंदुलकर भी शामिल थे। मुरलीधरण खुद मानते हैं कि उनको सचिन के सामने गेंदबाजी करते हुए कभी डर नहीं लगा। लेकिन ऐसा नहीं था कि सभी बल्लेबाज मुरलीधरन के सामने डरते थे।

सहवाग और ब्रायन लारा की बात अलग थी- मुरलीधरन

सहवाग और ब्रायन लारा की बात अलग थी- मुरलीधरन

मुरलीधरण कहते हैं कि वीरेंद्र सहवाग और ब्रायन लारा की बात अलग थी। मुरली ने टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लिए हैं और उनका कहना है बल्लेबाजों की मौजूदा खेंप में विराट कोहली और पाकिस्तान के दिग्गज बाबर आजम उनको अच्छे से खेल लेते।

मुरलीधरन ने यह बात आकाश चोपड़ा के साथ ईएसपीएनक्रिकइंफो पर कही। उन्होंने कहा, "सचिन के सामने बॉलिंग करते हुए कोई भी डर नहीं था क्योंकि वह आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। लेकिन सहवाग आप को नुकसान पहुंचा सकते हैं। क्योंकि सचिन अपने विकेट को बचाकर खेलते थे। वे अच्छे ढंग से गेंद को पढ़ लेते थे और तकनीक के बारे में भी जानते थे।"

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'सचिन के सामने कभी डर नहीं लगा'

'सचिन के सामने कभी डर नहीं लगा'

लेकिन मुरली को लगता है कि सचिन तेंदुलकर उनके सामने थोड़े असहज थे। वह कहते हैं, "मुझे महसूस हुआ है कि सचिन को ऑफ स्पिन के सामने थोड़ी सी समस्या थी। लेग स्पिनर को तो सचिन हवा में मार देते थे लेकिन मैंने उनको इतनी बार आउट किया है क्योंकि ऑफ स्पिनरों के सामने उनमें वह बात नहीं थी। मैंने यह भी देखा है कि बाकि ऑफ स्पिनरों ने भी उनको कई पर आउट किया है।"

मुरलीधरन कहते हैं कि वे सचिन से कभी खुद इस बारे में बात नहीं कर पाए कि वे ऑफ स्पिनरों के सामने सहज क्यों नहीं थे। वे कहते हैं, "यह मुझे अपने दिमाग में महसूस हुआ कि सचिन तेंदुलकर ऑफ ब्रेक के सामने थोड़ी सी कमजोरी रखते हैं। इसी वजह से मैंने उनके सामने एडवांटेज हासिल की। सचिन वैसे एक मुश्किल खिलाड़ी थे, आउट करना भी मुश्किल था।"

सहवाग को बताया बहुत खतरनाक-

सहवाग को बताया बहुत खतरनाक-

आपको बता दें मुथैया मुरलीधरन ने सचिन तेंदुलकर को 13 बार अपने करियर में आउट किया। असल में मुरलीधरन ने विकेट भी बहुत ज्यादा लिए हैं उन्होंने 800 टेस्ट विकेट के अलावा 530 वनडे इंटरनेशनल विकेट भी लिए हैं। मुरलीधरन को लगता है कि सहवाग और लारा बहुत ही अलग और बहुत ही खतरनाक खिलाड़ी थे और यह उनके करियर के 2 सबसे खतरनाक बल्लेबाज रहे हैं।

सहवाग को सचिन से कहीं अधिक खतरनाक बताते हुए मुरली कहते हैं सहवाग बहुत ही खतरनाक थे। हम उनके लिए डीप में फील्डर रखते थे क्योंकि हमें पता था कि वहां कुछ मौके बन सकते हैं। वे अपने गेम पर ही जाएंगे और उनको पता है कि अपने दिन भी किसी की भी बखिया उधेड़ सकते हैं। तो इसीलिए हम एक डिफेंसिव फील्ड लगाते थे और उम्मीद करते थे कि सहवाग कोई गलती करेंगे जिससे हमें कुछ मौका मिल पाएगा।"

मौजूदा दौर में कोहली के बाद इस बल्लेबाज को बताया बेहतर-

मौजूदा दौर में कोहली के बाद इस बल्लेबाज को बताया बेहतर-

मुरलीधरण सहवाग से बहुत भयभीत दिखाई देते हैं और वे कहते हैं कि वीरेंद्र सहवाग यह जानते थे की वे अगर 2 घंटे में खेल गए तो 150 रन बना देंगे और अगर पूरे दिन खेल गए तो 300 रन बना देंगे क्योंकि उनका एटीट्यूड इसी तरह का था। वह कहते हैं तो इस तरह के खिलाड़ी बहुत खतरनाक होते हैं और वे आपके मैच विनर होते हैं।

जब उनसे आधुनिक समय के बल्लेबाजों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोहली और बाबर आजम का नाम ले दिया। उन्होंने कहा कोहली टेस्ट क्रिकेट में स्पिन को ठीक खेल लेते हैं। बाबर आजम भी एक उभरते हुए खिलाड़ी लग रहे हैं।

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Story first published: Saturday, August 21, 2021, 12:01 [IST]
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